भाजपा की सबसे पुरानी सहियोगी शिवसेना ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए एनडीए गठबंधन से अपने आपको अलग कर लिया है। एनडीए से अलग होंते ही शिवसेना ने ऐलान किया कि वह 2019 का लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। मंगलवार को हुई एक अहम बैठक में शिवसेना ने यह फैसला लिया।
शिवसेना का कहना है कि भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद उसे हमेशा समझौता ही करना पड़ा है। भाजपा हमेशा उसे नीचा दिखाने का कोई मौका नही छोड़ती। शिवसेना अब अपने आत्मसम्मान और गरिमा के साथ चलना चाहती है। पार्टी अपने आत्मसम्मान से कोई समझौता नही करेगी।
छाती किती इंचाची हे महत्वाचं नाही, त्यामध्ये किती शौर्य हे अधिक महत्वाचं Uddhav Thackeray #ShivSena
— ShivSena – शिवसेना (@ShivSena) January 23, 2018
गठबंधन से अलग होने के बाद शिवसेना ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री मोदी की 56 इंच की छाती पर तंज कसा । शिवसेना ने। ट्विटर पर लिखा कि ” यह। महत्वपूर्ण नही कि छाती कितने इंच की है, महत्वपूर्ण यह है कि आपमे बहादुरी कितनी है।

यह कोई पहली बार नही है जब शिवसेना ने भाजपा पर हमला बोला हो। इससे पहले भी शिवसेनाके मुद्दों पर मोदी सरकार पर हमलावर रही है।
