Home Tags Corona

Tag: corona

मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री बीजेपी सरकार के खिलाफ कर रहे है आंदोलन

0

मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू हो गया है। वहीं भोपाल में भी हालत गंभीर है। भोपाल में सोमवार को ऑक्सीजन की कमी से पांच कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। लेकिन सरकार बार बार दावा कर रही है कि राज्य में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

ऐसे में मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आज मिंटो हॉल में गांधी जी की प्रतिमा के नीचे खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर अपना विरोध जता रहे है। विधायक पी सी शर्मा, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक कुणाल चौधरी तीनों ही सरकार के खिलाफ मोर्चा लेकर बैठे है।

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट किया कि , मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की डिमांड और सप्लाई में बड़ा अंतर है। भयावह स्थिति है। ऑक्सीजन की कमी से जानें जा रही है। .@narendramodi साँसों से आत्मनिर्भर करो मध्य प्रदेश को !

उन्होंने यह भी लिखा कि ,मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर आज भोपाल में मिंटो हॉल स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री @narendramodi जी से मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन भेजने का अनुरोध कर रहा हूं।

मध्य प्रदेश सरकार दावा कर रही है कि राज्य में ऑक्सीजन की मात्रा पर्याप्त है। लेकिन भोपाल के 20 से ज्यादा अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री कोरोना संक्रमित पाएं गए, खुद ट्वीट कर दी जानकरी

0

उत्तरप्रदेश में कोरोना से लगातार नेता संक्रमित हो रहे हैं। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बाद अब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कोरोना संक्रमित पाएं गए हैं। उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

योगी ने ट्वीट किया कि मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं सेल्फ आइसोलेशन में हूं और चिकित्सकों के परामर्श का पालन कर रहा हूं। सभी कार्य वर्चुअली संपादित कर रहा हूं।

बता दे कि इससे पहले सीएम कार्यालय के कई अधिकारी संक्रमित मिले थे, जिसके बाद से याेगी आइसोलेशन में थे। कुछ दिन पूर्व सीएम के एक ड्राइवर कोरोना संक्रमित मिला था। जिसके बाद दूसरे ड्राइवर को बदलकर भेजा गया था।

इससे पहले मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ओएसडी अभिषेक कौशिक, विशेष सचिव अमित सिंह सहित कुछ अन्य कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

उत्तराखंड से मुख्यमंत्री ने दिया अजीबो-गरीब बयान, कहा कुंभ की तुलना मरकज से करना गलत

0

अपने विवादित बयानों के लिए हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एक बार पुनः अजीबोगरीब बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुंभ में मां गंगा के आशीर्वाद से कोरोना वायरस नहीं फैलेगा और इसकी मरकज से तुलना करना सरासर गलत बात है।

रावत ने कहा कि पिछले साल निजामुद्दीन मरकज से जो कोरोना वायरस फैला था वह हरिद्वार और उत्तराखंड में नहीं फैल सकता क्योंकि यहां पर खुला वातावरण है।

हरिद्वार में उमड़ी लाखों लोगों की भीड़ पर रावत ने कहा कि हमने 16 घाट बनाए हैं जिसमें श्रद्धालु डुबकी लगा सकते हैं इसकी तुलना मरकज से करना गलत है । आपको बता दें कि कुंभ में तीसरा शाही स्नान चल रहा है और कोरोना वायरस के गाइडलाइन का बिल्कुल भी पालन नहीं हो रहा है जिससे कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

कुंभ मेला पुलिस नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, दूसरे शाही स्‍नान में 31 लाख से ज्‍यादा भक्तों ने हिस्सा लिया था। और स्‍वास्‍थ्‍य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान रविवार रात 11:30 बजे से सोमवार शाम पांच बजे तक महज 18,169 श्रद्धालुओं की कोरोना टेस्‍ट किया गया, जिसमें से 102 पॉजिटिव पाए गए हैं।

अखिलेश यादव भी कोरोना से संक्रमित पाए गए है। अखिलेश के केस में चिंता की सबसे बड़ी बात यह है कि वे हाल ही में हरिद्वार कुंभ मेले में हिस्सा लेकर लौटे थे। यानी कोरोना संक्रमण कहीं न कहीं कुंभ मेले में भी फैल रहा है।

कोरोना संकट: 10वीं,12वीं की बोर्ड परीक्षा टालने के आदेश जारी,अब इस महीने…

0

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 तथा 12 की परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी गई हैं। बता दें कि एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं 30 अप्रैल से शुरू होनी थी। एमपी स्कूल एजुकेशन विभाग ने आदेश दिया है कि अब यह परीक्षा 1 जून 2021 से प्रारंभ की जाएगी।

परमार ने कहा कि मध्य प्रदेश में बढ़ते हुए कोरोना के कारण परीक्षाओं को टालने का फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि राज्य क्लास पहली से आठवीं तक के स्कूल पहले ही बंद हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि 15 जून तक पहली से आठवीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। बतादें बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते इस बार पहली से लेकर आठवी कक्षा के छात्रों को प्रिजकेट वर्क के आधार पर जनरल प्रमोशन दिया जाएगा। इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही आदेश जारी कर चुका है।

बता दें कि पहले के परीक्षा कार्यक्रम में हाईस्कूल की परीक्षा 30 अप्रैल 2021 से 19 मई 2021 तक और हायर सेकंडरी की परीक्षाएं 01 मई 2021 से 21 मई 2021 तक आयोजित होनी थी।

मध्यप्रदेश सरकार का ऑक्सीजन को लेकर दावा साबित हो रहा है गलत

0

भोपाल में कोरोना बेकाबू हो चुका है।वहीं ऑक्सीजन की कमी से पांच कोरोना मरीजों की मौत हो गई। एक दिन पहले ही सरकार ने दावा किया था कि राज्य में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

मध्य प्रदेश सरकार ने दावा किया था कि राज्य में ऑक्सीजन की मात्रा पर्याप्त है और सोमवार को इन पांच मरीजों की मौत हो गई। वहीं भोपाल के 20 से ज्यादा अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर अफरा-तफरी मच गई थी। इसके अलावा एमपी नगर के सिटी अस्पताल में एक दिन में चार मरीजों की मौत हो गई। 

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन के लिए कई बार फोन किया गया लेकिन, जब तक इसकी सप्लाई हुई, मरीजों की मौत हो चुकी थी। 

बता दे कि करोंद के पीजीबीएम अस्पताल में भर्ती एक महिला को ऑक्सीजन खत्म हो जाने की वजह से छुट्टी देनी पड़ी। जिसके बाद महिला का बेटा उन्हें आरोग्य निधी अस्पताल लेकर पहुंचा लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। वैसे ही हमीदिया के पास बने एविसेना अस्पताल ने कोविड मरीजों को यह कहकर छुट्टी दे दी कि अब यहां ऑक्सीजन नही है।

जबलपुर में जीआरपी पुलिस की देखी गई लापरवाही

0

मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि, एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे साफ है कि राज्य में कोरोना नियमों की किस तरह धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ऐसे में देखा गया कि जबलपुर में जीआरपी पुलिस एक कोरोना पॉजिटिव आरोपी को दूसरे नेगेटिव आरोपी के साथ सड़क पर पैदल चलवाकर जेल तक ले जा रही है।

बताया गया है कि इन दोनों पर चोरी का आरोप था।जीआरपी के एक अधिकारी ने इस मामले को लेकर बताया कि , ‘कोर्ट में पेशी के बाद दोनों का कोरोना टेस्ट करवाया गया था। इनमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हमारी गाड़ी रास्ते में ही खराब हो गई थी इसलिए हम उन्हें पैदल जेल तक ले गए।’

मध्य प्रदेश में 13 अप्रैल को 8,998 लोगो की संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं 40 लोगों ने कोरोना से लड़ते हुए दम तोड़ दिया। प्रदेश में सबसे ज्यादा इंदौर में 1552, भोपाल में 1456, ग्वालियर में 576 और जबलपुर में 552 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले।

 

मध्यप्रदेश के शासकीय विद्यालयों में 13 जून तक रहेगा ग्रीष्मकालीन अवकाश

0

मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में देखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में कक्षा पहली से आठवीं तक के शासकीय एवं अनुदान प्राप्त समस्त विद्यालयों के लिए 15 अप्रैल से 13 जून 2021 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है।

इसी के साथ ही अशासकीय विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक की कक्षाओं का भौतिक संचालन 30 अप्रैल 2021 तक नहीं किया जाएगा। इन कक्षाओं का ऑनलाइन शिक्षण कार्य जारी रह सकेगा।

परमार ने कहा कि प्रदेश सभी शासकीय एवं अशासकीय छात्रावासों को तत्काल प्रभाव से बंद किए जाए। उन्होंने ये भी कहा कि वर्तमान कोरोना महामारी की परिस्थिति और विद्यालयीन छात्रों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

मंत्री ने कहा कि कक्षा पहली से आठवीं तक की शालाओं में कार्यरत सभी शासकीय शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बोर्ड परीक्षाओं के पूर्ण होने तक मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। बोर्ड परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षण या अन्य शासकीय कार्य के लिए ड्यूटी लगाए जाने पर आवश्यक रूप से उपस्थित रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षाएं संबंधित बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा मंडल, सीबीएसई, आईसीएसई इत्यादि के निर्देश के अनुसार ही आयोजित होंगी।

भोपाल में फिर नज़र आई अस्पताल में लापरवाही,17 घंटे बाद मिला परिजनों को शव

0

भोपाल में कोरोना से स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। सोमवार को भोपाल में 1456 मरीज मिले थे। वहीं, मौत के आंकड़े भी काफी डराने वाले हैं। श्मशान में शवों की लाइन लगी है और अंतिम संस्कार के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ा रहा है। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की जान जा रही है।

बता दे कि भोपाल के हमीदिया अस्पताल में सोमवार को लापरवाही के दो मामले सामने आए है। कोरोना मरीज की मौत के बाद उसके सोने के झुमके चोरी हो गए। वहीं दूसरी लापरवाही एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद देखने को मिली है। सरस्वती नगर निवासी महिला दमोतीबाई को अस्पताल में संक्रमित होने के बाद भर्ती कराया गया था। रात 2 बजे उनके परिजनों के बताया गया कि उनकी मौत हो गई।

दरअसल परिजन शव लेने के लिए अस्पताल गए। वहां पहुंचने के बाद उन्हें शाम सात बजे शव ले जाने के लिए एंबुलेंस मिली। पहले परिजनों को बताया गया था कि सुबह दस बजे शव सौंप दिया जाएगा। लेकिन कोरोना संक्रमित शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजन करीब 17 घंटे तक अस्पताल में ही इंतजार करते रहे।

स्पुतनिक V को भारत में मिली मंजूरी

0

भारत(India) को कोरोना(corona) की खिलाफ लड़ाई में एक और वैक्सीन मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने रूस की वैक्सीन स्पुतनिक v(Sputnik V) को इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन की अनुमति दे दी है। अब तक कुल तीन वैक्सीन को भारत मे इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन मिल चुकी है। जिसमें कोवैक्सीन(Covaxin) और कोविशील्ड(covishield) है।

इस वैक्सीन को नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ऑफ मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ ऑफ रशियन फेडरेशन ने तैयार की है। भारत में इसका क्लीनिकल ट्रायल डॉ रेड्डी लेबोरेटरी ने किया है।

भारत में इस वैक्सीन का फेज 2 और 3 का ट्रायल किया गया है और उसके नतीजों के आधार पर पहले सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने इस मंजूरी देने की सिफारिश की है। जिसके बाद सोमवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इसे मंजूरी दी है. इस वैक्सीन को दुनिया भर के 30 देशों में अप्रूवल मिला है।

इस वैक्सीन की भी दो डोज लेनी होगी। पेहली डोज और दूसरी डोज के बीच 21 दिन का अंतर होगा। जबकि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन में पहली डोज और दूसरी डोज के बीच 4 से 6 हफ्ते का गैप है. वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड में पहली और दूसरी डोज के बीच 6 से 8 हफ्ते का अंतराल है।

मंत्री विश्वास सारंग का बयान,कोरोना को लेकर झूठी खबर वायरल करने पर होगी सजा

0

मध्य प्रदेश में तेजी से कोरोना के मरीज सामने आ रहे है । प्रदेश में बढ़ते संक्रमण को लेकर राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि, कोरोना तेजी से फैल रहा है और मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में कोरोना से भयावह स्थिति है। उन्होंने कहा कि इसका उपाय यही है कि हम सब कोरोना की आचार संहिता का पालन करते हुए मास्क का उपयोग करें, बिना किसी वजह के भीड़ इकट्ठा ना करें।

कोरोना एक बड़ा संकट है जिस तरह से संक्रमण बढ़ रहा है वह चिंताजनक है। इसीलिए प्रदेश के कुछ शहरों में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना की इस चेन को हमें तोडना है, क्योंकि संक्रमण जब तक रुकेगा नहीं तब तक यह समस्या हल नहीं होगी।

विश्वास कैलाश सारंग

इन दिनों कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन को लेकर फेक न्यूज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल की जा रही है। इसको लेकर मंत्री सारंग ने कहा कि, कुछ लोग केवल अपनी नफरत को प्रदर्शित करते हुए झूठी खबर सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। सोशल मीडिया हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक ताकतवर हथियार जरूर है, परंतु समाज के प्रति हमारा भी कहीं ना कहीं अधिकार और कर्तव्य है। इस कर्तव्य का पालन करते हुए हमें इस महामारी के समय संयम और अनुशासन का ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं देखता हूं कुछ लोग बिना तथ्यों के कोरोना महामारी से संबंधित जानकारी वायरल कर देते है, जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। मैं निवेदन करना चाहता हूं कि हम स्वयं का अनुशासन बनाते हुए जब तक किसी भी खबर की पुष्टि ना हो उसको सोशल मीडिया पर ना डालें। उन्होंने यह भी कहा कि, कानून में जो भी नियम है उसके तहत यदि कोई भ्रामक खबर सेंसेशन बनाने के लिए सोशल मीडिया पर डालता है तब आईटी एक्ट के तहत उस पर कार्रवाई की जाएगी।