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Video : मुँह बोली बेटी के साथ सेक्स करते पकड़ा गया बलात्कारी बाबा रामरहीम !

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हरयाणा में कोहराम मचाने वाला बलात्कारी बाबा राम रहीम पर आए दिन सनसनीखेज खुलासे हो रहे है । डेरा सच्चा सौदा प्रमुख रामरहीम पर अपने आश्रम में रह रही लड़कियों के साथ यौन शोषण करने के आरोप है । जिसके चलते सीबीआई कोर्ट ने उन्हें दो मुकदमों में 10-10 साल की सजा सुनाई है ।
अपने आश्रम में तमाम सुख सुविधाओं के बीच आईआशी के साथ रहने वाले बाबा राम रहीम अब जेल की काल कोठरी में रहने के लिए मजबूर है । राम रहीम को अब ना तो 56 भोग मिलेंगे और ना ही मिनरल वाटर मिलेगा । बाबा को अब जेल में बाकी आम कैदियों की तरह रहना पड़ेगा ।

इसी बीच बाबा राम रहीम पर एक और सनसनी खेज आरोप लगा है । एक हिंदी न्यूज़ चैनल के अनुसार कोर्ट जाते वक्त बाबा रामरहीम अपनी मुंह बोली बेटी हनीप्रीत के साथ सेक्स कर रहे थे । कुछ सालों पहले हनीप्रीत के पति ने भी बाबा पर हनीप्रीत के साथ अवैध संबंध रखने के आरोप लगाए थे ।

कोर्ट जाते वक्त गाड़ियों का काफिला लेकर आए बाबा रामरहीम की पोल खोलते हुए न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर ने बताया कि बाबा की गाड़ी में बहुत ही आपत्तिजनक चीजें पाई गई । रिपोर्टर के अनुसार गाडी के पीछे ज्यादातर मेडिकल समान , महिलाओं का सामान और साथ ही कुछ अंतर्वस्त्र भी पाए गए , बड़ी तादात में यहाँ पे दवाइयां भी पाई गई ।  देखने पर पता चलता है कि कार में बाबा अपने साथ एक डिस्पेंसरी ही लेकर चल रहे थे ।

वीडियो में दावा किया गया है कि बाबा अपने साथ गाड़ी में सेक्स से जुड़ी दवाई और कंडोम आदि लेकर चल रहे थे ।
बाकी जानकारी के लिए नीचे दिए गए वीडियो को देखें..

 

क्या अब स्कूल यूनिफॉर्म का रंग भी हो जाएगा भगवा! पढ़िए बड़ी खबर

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यूपी के सीएम की कुर्सी पर काबिज होने के बाद से योगी आदित्यनाथ धड़ाधड़ फैसले ले रहे हैं। यूपी के विकास के लिए योगी लगभग हर रोज अलग-अलग विभागों के अफसरों और मंत्रियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे इसे लेकर वे बेहद गंभीर हैं। बीते दिनों बेसिक शिक्षा विभाग की हुई प्र‍ेजेंटेशन के दौरान कुछ ऐसा वाक्या घटित हुआ जिससे यह साफ़ है कि सीएम योगी जनता के लिए काम करना चाहते हैं।

भगवा वेश में आतंकी कर रहे है यूपी में हमले की तैयारी।

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यूपी में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए आतंकी संगठनों ने भगवा चोले को ढाल बनाया है। आतंकी संगठनों ने किशोर उम्र के आतंकियों को साधु और तांत्रिक के वेश में प्रशिक्षित कर यूपी में उतार दिया है। यह लोग प्रमुख धार्मिक स्थलों के अलावा प्रतिष्ठित संस्थानों को भी निशाना बनाने की तैयारी में हैं। एमपी पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट से जानकारी मिलने के बाद यूपी की सुरक्षा शाखा ने सभी जोन के आईजी, रेंज के डीआईजी, जिलों के कप्तान व एएसपी रेलवे को अलर्ट कर दिया है। इसके अलावा शुक्रवार की रात से खुफिया एजेंसियों को भी चौकन्ना कर दिया गया है।
क्या हैं इनपुट्स?
एमपी इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के मुताबिक, आतंकी वारदात के लिए यूपी में भेजे गए युवा 17-18 साल के हैं। इन लोगों को हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों की ट्रेनिंग दी गई है। यह लोग साधु संतों व तांत्रिकों के वेश में रहते हैं। इसी साल फरवरी में 20-25 युवाओं को आतंकी संगठनों ने भारत-नेपाल बॉर्डर से यूपी में भेज दिया है। यूपी में घुसने के बाद इन लोगों ने हिंदू बहुल शहरों में हिंदू बस्तियों में ठिकाना बना लिया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए आतंकी अपना हिंदू नाम रखकर किराए के मकान में रहने की योजना लेकर दाखिल हुए हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा के अलावा आगरा का ताज महल, इलाहाबाद और लखनऊ की हाई कोर्ट बिल्डिंग, विधान भवन, सचिवालय के अलावा प्रमुख प्रतिष्ठान, रेलवे स्टेशन और भीड़ भाड़ वाले बाजार इनके निशाने पर हैं।

ऑपरेशन कृष्णा इंडिया से है ताल्लुक

पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हिंदू रीति रिवाजों का प्रशिक्षण देकर एजेंटों को हिंदू आबादी में प्रवेश करवाने के लिए ऑपरेशन कृष्णा इंडिया शुरू किया था। इन एजेंटों को भी उसी का हिस्सा माना जा रहा है। आईएसआई की योजना इन एजेंटों को साधु वेश् में धार्मिक स्थलों में स्थापित करने की है, ताकि वह अपना काम आसानी से कर सकें। उसके बाद यह लोग धार्मिक विद्वेष फैलाने के साथ ही किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की रणनीति बना सकते हैं।

इस्लामिक स्टेट मॉड्यूल से भी मिले इनपुट

इसी साल मार्च में एमपी, लखनऊ व कानपुर से गिरफ्तार इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉड्यूल के एजेंट्स और मास्टरमाइंड गौस मोहम्मद से भी इंटेलिजेंस को अहम इनपुट मिले हैं। गौस मोहम्मद लखनऊ में करन खत्री बनकर किराए के मकान में रह रहा था। इसके अलावा 12 सितंबर 2014 को बिजनौर में हुए आईईडी ब्लॉस्ट की घटना में मारे गए सिमी आतंकियों (खंडवा जेल से फरार हुए थे) के हाथ में भी कलावा और माथे पर तिलक मिला था। जेल से फरार होने के बाद इन लोगों ने हिंदू नामों से बिजनौर में किराए का मकान लिया था। फिलहाल खुफिया एजेंसियां अब यूपी में दाखिल एजेंट्स को भी इन्हीं आतंकियों की कड़ी का हिस्सा मानकर छानबीन कर रही हैं।

गोंडा में दलित ने की आत्महत्या, गोहत्या के आरोप से बंद था हुक्का-पानी।

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यूपी में गोंडा में गलती से गाय की हत्या करने वाले एक दलित नौजवान ने खुदकुशी कर ली. 18 साल के रामू को गांववालों के बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा था.
ट्रेन के सामने कूदा रामू
पुलिस को रामू का शव शनिवार की सुबह इटियाथोक थाना क्षेत्र के बहलोलपुर गांव के पास मिला. गांववालों के मुताबिक वो घास काटने की बात कहकर घर से निकला था. कुछ देर बाद ही उसकी मौत की खबर मिली. हालांकि उसके पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया गया.

गलती से हुई थी बछड़े की हत्या
रामू गोपालपुर बरंडी गांव में अपनी मां और तीन भाइयों के साथ रह रहा था. मजदूरी से पेट पालने वाले रामू की अभी शादी भी नहीं हुई थी. तीन दिन पहले खूंटा गाड़ते वक्त उसका हथौड़ा गलती से बछड़े के सिर पर जाकर लगा जिसके बाद उसकी मौत हो गई.

बहिष्कार कर रहे थे गांववाले
घटना के बाद गांववालों की कई बैठकें हुईं. ये फैसला किया गया कि पंचायत के आखिरी फैसले तक रामू का बायकॉट किया जाएगा. गांव के रिवाज के मुताबिक गोहत्या करने वाले शख्स को साल भर के लिए गांव से बाहर अकेले रहना होता है. इस दौरान उसे खाना भी खुद ही बनाना पड़ता है. बछड़े की मौत के बाद गांव के लोग रामू से बोलचाल नहीं कर रहे थे.

इंसाफ के लिए बुलाई गई थी पंचायत
रामू की मां बहिष्कार के बाद अपने बेटे की परेशानी से वाकिफ थी. वो बेटे की बेगुनाही साबित करने के लिए पंचायत बुलाने की तैयारी कर रही थी. इस सिलसिले में गांव की प्रधान से मिलने के करीब घंटे भर बाद ही उसे बेटे की मौत की खबर मिली.

कन्हैया ने लिखा आंबेडकर के नाम खत, साधा मोदी सरकार पर निशाना।

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कल संविधान जनक बाबा भीमराव आंबेडकर की जयंती थी, ऐसे में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार ने एक खत लिखा। उसने अपने खत में लिखा कि आपको क्रांतिकारी नीला और लाल सलाम, आपको यह खत इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि इस मौके पर मैं आपके दिल का हाल जानना चाहता हूं। मैं जानना चाहता हूं कि आपको कैसा लगता है जब कोई बातें आपकी करे और संविधान को लागू करने की बजाए मनुस्मृति को लागू करने की कोशिश करे।
इस खत में कन्हैया ने आत्म सम्मान, न्याय और समानता जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने खत में कहा कि आज समाज के लोग डर में जी रहे हैं उनसे उनकी आजदी को छीनी जा रही है। वहीं पंजाब विश्वविद्यालयों मामले को लेकर भी खत में चिंता जताई है और कहा कि फीस वृद्धि का विरोध करने पर छात्रों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज कराया जा रहा है।
कन्हैया ने खत में बाबा भीमराव आंबेडकर से शिकायत करते हुए कहा कि आपने जो इस समाज को रास्ता दिखाया था। आज समाज उससे भटकाया जा रहा है, लेकिन हम आपको यह विश्वास दिलाते हैं कि हम आपकी बताई आजादी को हासिल करके रहेंगे।
वहीं, रोहित वेमूला को याद करते हुए कन्हैया ने खत में लिखा कि आप हमारे जैसे कई युवाओं के लिए प्रेरणा के स्त्रोत हैं, लेकिन विश्वविद्यालयों में ऐसी परिस्थितियां पैदा की जा रहीं हैं कि जिसमें रोहित जैसे बेहद प्रतिभावान छात्रों की जीवन जीने की इच्छा तक को मार दिया जा रहा है।

भाजपा सरकार नही चाहती राम मंदिर निर्माण काँग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री ने तैयार कर रखी थी मंदिर निर्माण की रूपरेखा: दिग्विजय सिंह

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Newbuzzindia : कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अयोध्या की विवादित जमीन पर कभी मस्जिद थी ही नहीं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद ने जिसे मस्जिद बताकर गिराया था वो मंदिर था और इसके प्रमाण भी मिले है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा मंदिर निर्माण कराना ही नहीं चाहती है। उन्होंने बताया कि 1996 में कांग्रेस सरकार बन जाती तो मंदिर निर्माण हो गया होता। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंम्हा राव ने राम मंदिर निर्माण की रूपरेखा तैयार कर ली थी।

इस मौके पर गौ-हत्या पर भी दिग्विजय सिंह ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गौ-हत्या के खिलाफ है। वो चाहते है कि देशभर में गौ-हत्या बंद हो। लेकिन इस मामले में भाजपा का दोहरा चरित्र है। दिग्विजय ने कहा कि केरल में भाजपा नेता ने मतदाताओं से कहा है कि वो उन्हें जिता देंगे तो उनके लिए अच्छे बीफ की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा गोवा, अरूणाचल और मणिपुर में बीजेपी की सरकार है, तो फिर वहां गौ-हत्या क्यो हो रही है।
गोटेगांव में परमहंसी आश्रम पहुंचे एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ईवीएम मशीन की निष्पक्षता पर खड़े किए सवाल करते हुए उसे भाजपा की साजिश बताया वही बैलेट पेपर से मतदान करने की वकालत की।

महिलाओं के सम्मान में भाजपा मैदान में, सेक्स रैकेट चला रही थी भाजपा की महिला नेता, जबरन करवाती थी देह व्यापार।

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महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता ने महिलाओं को रोज़गार प्रदान करने का नया तरीका ही इज़ाद कर दिया एव जबरन महिलाओं से देह व्यापार करवाते हुए पकड़ी गयी। प्रतापगढ़ जिले की बीजेपी की महिला नेता और पूर्व सभासद सेक्स रैकेट का कारोबार प्रतापगढ़ में चला रही थी और पुलिस को कानों कान खबर नहीं हुई।

राष्ट्रीय महिला आयोग में जब एक युवती ने जबरन देह व्यापार कराने की शिकायत दर्ज कराई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। महिला ने प्रतापगढ़ के मीरा भवन की रहने वाली पूर्व सभासद और बीजेपी नेता रमा मिश्रा के खिलाफ देह व्यापार का आरोप लगाया है।

दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में भाजपा नेत्री रमा मिश्रा समेत पांच पर देह व्यापार का केस दर्ज किया गया है। साल 2015 से जनपद के साथ गैर जनपदों में भी देह व्यापार का धंधा चल रहा था।

वहीं पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई करते हुए जब बीजेपी नेता के घर पर छापेमारी की, तो वह फरार हो गई। पुलिस बीजेपी नेता की तलाश में जुटी है।

पीएम मोदी और अमित शाह की आलोचना पर इतिहासकार रामचंद्र गुहा को मिल रहे है धमकी भरे ईमेल।

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इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने मंगलवार को कहा कि बीजेपी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के चलते उन्हें कई धमकी भरे ईमेल आए हैं। इन ईमेल में उन्हें ‘दिव्य महाकाल’ से सजा की चेतावनी दी गई है। फोन पर बातचीत में उन्होंने बताया कि बीते तीन-चार दिनों में उन्हें दर्जनों ईमेल मिले हैं। सभी में एक जैसी ही बात लिखी है साथ ही इनमें पत्रकारों और नेताओं को मार्क किया गया है। एक ईमेल उन्होंने हमारे साथ भी साझा किया।

इस संबंध में उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘कई लोगों ने मुझे एक जैसे ईमेल भेजे हैं जिसमें उन्होंने चेताया है कि बीजेपी की आलोचना करने के लिए मैं दिव्य महाकाल की सजा के लिए तैयार रहूं। मुझे यह भी चेतावनी दी गई है कि मैं नरेंद्र मोदी और अमित शाह की आलोचना न करूं क्योंकि दिव्य शक्ति महाकाल ने उन्हें दुनिया बदलने के लिए चुना है और आशीर्वाद दिया है।’

उन्होंने कहा, ‘जब मुझे कई मेल मिले तो मुझे लगा कि इन्हें ट्विटर पर डाल दूं, ताकि दूसरे लोगों को आंशिक रूप से रोक सकूं।’

इन ईमेल्स में गुहा के बीते सालों में दिए गए कई बयानों का हवाला दिया गया है। दिसंबर 2015 में गुहा ने मौजूदा सरकार को बुद्धिजीवियों का विरोध करने वाली देश की अब तक की सबसे बड़ी सरकार करार दिया था। बीते साल नवंबर में टाइम्स लिटरेचर फ़ेस्टिवल में उन्होंने कहा था कि उन्हें पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और पीएम मोदी में समानताएं दिखती हैं।

यह मामला जून 2016 में गुहा के ‘द टेलीग्राफ’ अखबार में लिखे एक कॉलम से शुरू हुआ था। इसमें उन्होंने लिखा था, ‘इंदिरा गांधी की तरह ही नरेंद्र मोदी एकाकी हैं।’ इसमें उन्होंने अमित शाह की तुलना संजय गांधी से करते हुए लिखा था, ‘उन्हें भी सत्ता का लोभ है।’

मांसबंदी: मीट पैक करता पकड़ा गया भाजपा नेता।

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यूपी सरकार ने अवैध बूचड़खानों पर पाबंदी लगा दी है। तालाबंदी का दौर जारी है। इधर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी अपने स्तर पर छापामारी शुरू कर दी है। मेरठ में बजरंग दल द्वारा की गई एक छापामारी में भाजपा नेता ही मीट पैकिंग यूनिट में काम करता मिला। आरोप है कि वह इस यूनिट का मालिक है।

यह घटना उस वक्त सामने आई जब योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेशभर में अवैध बूचड़खानों और मीट की दुकानों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जयभीमनगर में जिन भाजपा कार्यकर्ताओं को पूछताछ चल रही है उसका नाम राहुल ठाकुर है, उसपर आरोप है कि वह अवैध तरीके से मीट पैकिंग का काम करता है। राहुल ने बताया कि इस मीट पैकिंग यूनिट का मालिक राहुल राघव और अनुज चौधरी है।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जब मौके पर छापेमारी की, इस दौरान इनपर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से झड़प करने का आरोप है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कराया जा सकता है अगर राहुल ठाकुर इसके खिलाफ शिकायत करते हैं। वहीं भाजपा के जिला इकाइ के अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग ने बताया कि वह इस मामले की जांच कराएंगे, इसके साथ ही वह राहुल ठाकुर के इस मामले में लिप्त होने की भी जानकारी हासिल करेंगे कि क्या वह अवैध बूचड़खाना चला रहे थे।

योगी आदित्यनाथ के नाम फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी का खुला खत… जरुर पढिये!

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प्रिय आदित्यनाथ जी,

मेरा नाम विनोद कापड़ी है. अच्छा लगता है, इसलिए थोड़ी बहुत पत्रकारिता करता हूं और छोटी-मोटी फिल्में बनाता हूं. आपकी तरह एक हिंदू परिवार में मेरा जन्म हुआ है. आप ही की तरह उत्तराखंड का रहने वाला हूं और आप ही की तरह जाति से एक पहाड़ी राजपूत भी हूं. लेकिन पता है क्या? जब से आप उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, मैं थोड़ा डरा हुआ हूं. मैं जानता हूं कि अगर क्षेत्र, धर्म और जाति की बात करें तो मुझे आपके मुख्यमंत्री बनने पर बहुत खुशी होनी चाहिए. लेकिन मैं फिर भी डरा हुआ हूं.

मैं और मेरा परिवार पिछले 32 साल से उत्तरप्रदेश के ही बरेली और नोएडा में रह रहे हैं. हमारा वोट नोएडा में है और आपको बता दूं कि इस बार के विधानसभा चुनाव में मैंने और मेरे पूरे परिवार ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को ही वोट दिया था. इसलिए कि पिछली दो सरकारों ने उत्तर प्रदेश को जिस तरह से लूटा, उसके बाद लगा कि उन्हें अब और लूट का मौक़ा नहीं मिलना चाहिए. कम से कम जो विकास की बात कर रहा है, उसे भी राज्य में एक मौक़ा दिया जा सकता है. लेकिन 18 मार्च को जैसे ही आपके नाम की घोषणा हुई तो यह सवाल मेरे सामने आ खड़ा हुआ – क्या हमारे साथ विश्वासघात हुआ है?

मेरी और आपकी उम्र तकरीबन बराबर ही है. जितने साल आपने राजनीति की है, उतने ही बरस मैंने पत्रकारिता की है. आपके चयन के बाद एक के बाद एक आपसे जोड़ी जाती रहीं कई घटनाएं मेरे सामने आने लगीं. मैं जानता हूं कि आरोप अब तक सिद्ध न हों उनकी बात करना ठीक नहीं पर आपकी जिस तरह की राजनीति रही है, उसके लिए तो किसी सबूत की जरूरत नहीं है. वो तो आप खुलेआम करते रहे हैं और डंके की चोट पर कहते रहे हैं कि अगर कोई एक हिंदू को मारेगा तो आपकी सेना उस समुदाय के सौ लोगों को मारेगी. आपके समर्थक तो इससे कई क़दम आगे निकल जाते हैं, जब वे कहते हैं कि क़ब्र खोदकर औरतों का बलात्कार किया जाएगा और यह सब होगा हिंदुओं और हिंदुत्व को बचाने के लिए.

मन में खयाल आया कि कहीं इस तरह की बातें करने वालों से लूटने वाले ही तो ठीक नहीं थे! मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये हो क्या रहा है!

आदित्यनाथ जी, आपके नाम की घोषणा के वक्त ये सबकुछ मेरी आंखों के सामने घूमने लगा. अभी मैं यह सोच ही रहा था कि टीवी पर आपके एक समर्थक को लखनऊ से कहते सुना – यूपी में रहना है तो योगी-योगी कहना होगा. क्यों कहना होगा भाई? कोई ज़बरदस्ती है क्या? ये मेरी आस्था और निजता का सवाल है. मेरा जब मन होगा, मैं कहूंगा. और नहीं कहूंगा तो यूपी में नहीं रह पाऊंगा क्या? मन में खयाल आया कि कहीं इस तरह की बातें करने वालों से लूटने वाले ही तो ठीक नहीं थे! मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये हो क्या रहा है!

मेरे साथ मेरी पत्नी भी बैठी हुई थी. हम चर्चा कर रहे थे कि सोचो जब हम इतने सक्षम और हिंदू होते हुए भी इतने परेशान हैं तो दूसरे समुदाय के लोगों का क्या हाल होगा?

बचपन से हमने तो यही सुना था कि हिंदू कोई धर्म नहीं, जीवन पद्दति है, जीने का तरीका है. इंसान को इंसान से प्यार करना है. सुख-दुख में हाथ बंटाना है. पर वह कौन सी जीवन पद्धति है जिसमें आदमी मृत महिलाओं के शवों को क़ब्र से निकालकर उनके साथ बलात्कार करने की बात करता है? बोलना तो दूर कोई ऐसी घृणित बात सोच भी कैसे सकता है!

मैं जानता हूं कि ये आपने नहीं कहा था पर आपके प्रभाव में रहने वाले लोगों ने तो कहा था. मुझसे कोई कह सकता है कि जब मेरे या मेरे परिवार के क़त्लेआम की बात ही नहीं हुई है तो मैं क्यों डर रहा हूं? पर मेरे ख़्याल से मुद्दा यह नहीं है. मेरे लिए मुद्दा यह है कि क़त्ल करने और बलात्कार की बात की ही क्यों गई? अगर किसी ने कोई अपराध किया है तो क़ानून है ना हमारे पास. वह भी तो अपना काम कर सकता है. हम कौन होते हैं ये कहने वाले कि हम सौ मार डालेंगे? हम मृत के साथ रेप करेंगे.

और आप तो वैसे भी संन्यासी हैं, गुरू हैं , आपने दीक्षा हासिल की है, दुनिया को रास्ता दिखाते हैं. इतना तो आप भी समझते हैं कि नफ़रत का इलाज नफ़रत तो बिलकुल नहीं है.

मैं तो जिस परिवेश में पला-बढ़ा, वहां राम मेरा दोस्त है और रहीम मेरा भाई. राम का क़त्ल होने पर कोई मेरे भाई रहीम को मारेगा तो मुझे डर तो लगेगा ही आदित्यनाथ जी. मैं तो कह रहा हूं कि जिसने या जिस भीड़ ने राम को मारा, उसे क़ानून से सख़्त से सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए लेकिन बिना असली क़ातिल को जाने हम खुद ही क़ानून हाथ में लेकर एक राम के बदले सौ बेक़सूर रहीम को मारने की बात करेंगे तो डर लगना स्वाभाविक है. सीमा को कोई एक भगा कर ले गया और उसके बदले में कोई सौ सबीना को भगाने की बात करेगा तो भी मुझे डर लगेगा ही आदित्यनाथ जी.

आपको पता नहीं होगा पर आपके नाम पर यकायक समाज के हर हिस्से में झुंड के झुंड पैदा हो गए हैं जो ये कहने लगे हैं कि अब पता चलेगा उन्हें भी. ये उन्हें कौन हैं आदित्यनाथ जी?

मेरे मोहल्ले का एक भी घर जलेगा, मेरे मोहल्ले से एक भी कोई मरेगा तो मुझे भी डर लगेगा ही. वे लोग नासमझ हैं जो समझते है कि दूसरे का घर जल रहा है. हमारे घर की दीवारें दशकों से सदियों से एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. एक भी दीवार जलती है तो आग मेरे घर तक भी पहुंचेगी. इसलिए मेरे डर को समझिए आदित्यनाथ जी. कर्फ़्यू लगेगा तो खाने-पीने की दिक़्क़त मुझे भी होगी, हिंसा होगी तो मेरे बच्चे भी स्कूल नहीं जा पाएंगे, मुज़फ़्फ़रनगर जलेगा तो आंच नोएडा में भी आएगी. मैं इसीलिए डरा हुआ था आदित्यनाथ जी.

मैं ये भी जानता हूं कि पिछले कुछ दशकों में बहुत खतरनाक तुष्टिकरण हुआ है जिसने समाज और देश को इतना बांट दिया है. आप भी जानते हैं कि ये किन लोगों ने किया है और किस मक़सद से किया है. आप ये भी जानते होंगे कि इसके लिए मैं या मेरे जैसे ही रहीम या सबीना तो क़तई ज़िम्मेदार नहीं हैं. हम सब तो न तीन में हैं और न तेरह में लेकिन जब मारने और काटने की बात आती है तो हम ही सबसे पहले निशाने पर आते है. जो गुनाह राजनैतिक दलों ने किए उसकी सज़ा एक आम शहरी क्यों भुगते?

आदित्यनाथ जी, आपको पता नहीं होगा पर आपके नाम पर यकायक समाज के हर हिस्से में झुंड के झुंड पैदा हो गए हैं जो ये कहने लगे हैं कि अब पता चलेगा उन्हें भी. ये उन्हें कौन हैं आदित्यनाथ जी? ये भी तो मेरे समाज, मेरे गांव और मोहल्ले का हिस्सा ही हैं. फिर इस तरह से डराने और धमकाने वाले झुंड क्यों अचानक ऐसा बर्ताव कर रहे हैं? मैं इस बर्ताव से डरा हुआ हूं.

हो सकता है कि मेरी ये आशंकाएं बिलकुल निराधार साबित हों. हो सकता है कि मेरे सारे डर बेकार साबित हों. ये भी हो सकता है कि एक ज़िम्मेदार मुख्यमंत्री के तौर पर राजधर्म का पालन करते हुए आप मेरे जैसे तमाम डरे हुए लोगों को ग़लत साबित कर दें. यकीन मानिए मैं प्रार्थना करूंगा कि आप ऐसा ही करें. जिस दिन मेरी आशंकाएं गलत साबित होंगी, उस दिन मुझसे अधिक खुश और कोई नहीं होगा. उस दिन बिना किसी दबाव के मैं जय श्रीराम कहूंगा और मेरा भाई रहीम और मेरी बहन सबीना भी.

मेरी तरफ से शुभकामनाएं स्वीकार करें.

आपका,

विनोद कापड़ी