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ढाका हमला: सलीम खान ने साधा आतंकवाद पर निशाना, कहा ‘अगर वो हैं मुसलमान, तो मैं नहीं हूँ।’

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ढाका हमले से ना केवल लोगों को शेख हसीना की सरकार पर हमला करने का मौका मिला है, बल्कि कुछ लोगों ने इसी बहाने इस्लाम के मज़बूत नींव को हिलाने की कोशिश की है। इस हमले में सबसे आगे रही बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन। उन्होंने ट्वीट कर सीधे इस्लाम पर ही निशाना साधा।

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आखिरकार अब सुपरस्टार सलमान खान के पिता सलीम खान ने हमले की निंदा करते हुए ये कह दिया है कि, अगर ढाका पर हमला करने वालों का मज़हब मुसलमान है तो मैं नहीं हूँ मुसलमान।   

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आगे उन्होंने लिखा कि, समय समय पर दुनिया भर में हो रहे हमलों में शामिल लोग खुद को मुसलमान कहते हैं। एक मुसलमान के लिए मोहम्मद साहब और कुरान का अनुसरण करना ज़रूरी होता है। ये लोग जो भी हों, कम से कम मुसलमान तो नहीं हैं।

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Also Read: तस्लीमा नसरीन ने कहा, इंसानियत के नाम पर इस्लाम को शांति पसंद मज़हब कहना बंद करें।

बांग्लादेश हमला: तस्लीमा नसरीन ने बोला इस्लाम पर हमला, कहा ‘इंसानियत के नाम पर इस्लाम को शांति का धर्म कहना बंद करें।’

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बांग्लादेश पर हुए आतंकी हमले से अभी देश उबरा तक नहीं कि बांग्लादेश की सत्ता और इस्लाम पर लगातार हमला होने लगा है। बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन पहले तो बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना पर हमला किया। उन्होंने हमले से जुड़े कई मुद्दों पर शेख हसीना पर हमला किया और अब तस्लीमा ने ट्वीट कर के सीधे इस्लाम के दर्शन और उसकी नीव पर सीधे हमला बोला है।
तस्लीमा नसरीन ने ट्वीट कर कहा कि- इंसानियत के नाम पर, कृपया इस्लाम को शांति पसंद धर्म कहना बंद करें।

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तस्लीमा नसरीन ने आगे आतंकवाद पर हमला करते हुए कहा कि, ‘जितने भी हमलावर थे, वो सभी अच्छे स्कूल और संपन्न परिवार से तालुक रखने वाले थे। इसलिए कृपया गरीबी और निरक्षरता को इस्लामी आतंकवाद का कारण बताना बंद करें।

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Also Read: IS संदिग्धों को कानूनी मदद मुहैया कराएंगे ओवैसी

ओवैसी हुए फिर देशविरोधी ! कहा- “मैं देश की इबादत नहीं करता ।”

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#Newbuzzindia/नई दिल्ली | विवादित बयानों की सूची में सबसे ऊपर रहने वाले सांसद और AIMIM के अध्यक्ष अस्सदुद्दीन ओवैसी  एक बार फिर विवादित बयान देकर फसते हुए नजर आ रहे है। जिससे उनकी देशभक्ति पर भी सवाल खड़े किये जा रहे है।

अस्सदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि “वे देश की इबादत नही करते है।” इसी के साथ साथ ओवैसी ने इस्लामिक स्टेट को इस्लाम का विरोधी भी बताया।

देश के लिए दे सकता हु जान !
ओवैसी ने अपनी बात में कहा कि वे देश की इबादत नही करते है पर समय आने पर देश के लिए जान भी दे सकता हु। साथ ही ओवैसी ने आईएस का समर्थन करने वाले और सीरिया जाने वालों को कायर भी बताया है।

संदिग्ध युवको के समर्थन में आये ओवैसी!
हैदराबाद में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किये गए पांच युवकों को AIMIM कानूनी मदद मुहैया कराएगी, ओवैसी ने बताया कि इस मामले में उन्होने वकील को कानूनी सहायता मुहैया कराने का निर्देश दे दिया है।

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बांग्लादेश हमला: तस्लीमा नसरीन ने कहा, ‘गनमैन क्यों, इस्लामी आतंकवादी क्यों ना कहे।’

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बांग्‍लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमले पर लेखिका तस्‍लीमा नसरीन ने शेख हसीना सरकार पर ट्विटर के माध्यम से जबरदस्त हमला बोला है। तस्लीमा ने ट्वीट कर कहा, ‘बांग्लादेश में हुए हमले की ज़िम्मेदारी आईएसआईएस ले रही है, जबकि प्रधानमंत्री का कहना है कि बांग्लादेश में आईएसआईएस का कोई वज़ूद ही नहीं है।’

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Also Read: बांग्लादेश हमले पर बोली प्रधानमंत्री शेख हसीना- ये कैसे मुस्लमान हैं जो रमज़ान जैस पाक महीने में मासूमों की जान ले लिए।

तस्लीमा यही नहीं रुकी उन्होंने आगे ट्वीट कर के कहा, ‘मीडिया के लोग हमलावरों को ‘गनमैन’ से संबोधित कर रहे हैं। क्या उन्हें इस्लामी आतंकी नहीं कहना चाहिए ?’

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उन्‍होंने हमलावरों के संबोधन के मुद्दे पर कहा कि उन्‍हें इस्‍लामी आतंकी क्‍यों नहीं कहा जा रहा है। तस्‍लीमा ने लिखा, ”मीडिया उन्‍हें गनमैन लिख रहा है। लेकिन उन्‍होंने लोगों को मारने और उनमें दहशत फैलाने से पहले अल्‍लाहू अकबर का नारा लगाया। क्‍या उन्‍हें इस्‍लामी आतंकी नहीं कहा जाना चाहिए था ?” तस्‍लीमा कई बार इस्‍लाम को लेकर कड़ी टिप्‍पणियां कर चुकी हैं। इसके चलते बांग्‍लादेश और भारत में उन्‍हें मुसलमानों के हमले भी झेलने पड़े हैं।

तस्‍लीमा बांग्‍लादेशी लेखिका हैं और वे भारत में रह रही हैं।

बांग्लादेश हमले पर बोली शेख हसीना- ‘ये कैसे मुसलमान, रमज़ान के पाक महीने में ले ली मासूमों की जान।’

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बांग्लादेश क प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ढाका के होले अर्टिसन बेकरी में हुए हमले की निंदा की और आतंकियों पर सीधा हमला करते हुए कहा, ‘ये किस तरह के मुसलमान हैं, जिन्होंने लोगों को मारने के लिए अज़ान को भी अनसुना कर दिया। रमज़ान के महीने में ये बेगुनाहों की जाने ले रहे हैं।’ प्रधानमंत्री हसीना ने आगे अपने सुरक्षा बल रैपिड एक्शन बटालियन की तारीफ़ करते हुए कहा कि, उन्होंने असाधारण प्रयास और साहस से इस विसम परिस्थिति को ख़त्म किया।’

उन्‍होंने कहा, ”हमने शीघ्रता से मौके की नजाकत का अध्‍ययन किया और 10 घंटे के अंदर इस संकट को समाप्‍त कर सकते थे। मुझे बहुत खुशी है कि हमने 13 लोगों की जान बचाई लेकिन रात में शहीद हुए दो पुलिसकर्मियों और लोगों के नुकसान के लिए दुखी हूं। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं है। मुझे बांग्‍लादेश के लोगों की खुशी की प्रार्थना और उम्‍मीद करती हूं। यदि देश के लोग जागरूक होंगे तो हम आगे इस तरह के हमलों को रोक सकेंगे। हम बांग्‍लादेश को आतंकियों का स्‍वर्ग नहीं बनने देंगे।”

पीएम हसीना ने स्‍थानीय टीवी चैनलों की आलोचना करते हुए कहा कि बचाव कार्य के लाइव टेलीकास्‍ट के चलते परेशानी हुर्इ। उन्‍होंने कहा, ”हम लगातार मीडिया से रिक्‍वेस्‍ट करते रहे कि इलाके को सुरक्षित किया जा रहा है और वे लाइव टेलीकास्‍ट न करें।” हसीना ने युवाओं से कहा कि वे जागरूक रहें और कट्टरपंथियों के झांसे में ना आएं।

गौरतलब है कि शुक्रवार रात को सात हमलावरों ने गुलशन इलाके  स्थित‍ रेस्‍टोरेंट पर हमला कर लोगों को बंधक बना लिया था। 20 लोग उनके कब्‍जे में थे। बंधकों में विदेशी नागरिक भी थे। शनिवार सुबह बांग्‍लादेशी सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए छह आतंकियों को मार गिराया।

चीन में रोज़ा पे लगे प्रतिबंध का भारत में दिखा असर, ‘मेड इन चाईना’ का बहिस्कार कर मुस्लिम समुदाय ने दिखाई एकता

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चीन में लगे रोज़े और रमज़ान के प्रतिबंध का असर भारत में भी साफ़ तौर पर देखा जा रहा है। इस मुद्दे पर देश के मुसलमानों ने दिखाई एकता और विरोध में सभी ‘मेड इन चाईना’ उत्पादों का बहिष्कार कर दिया है। बाज़ार में खास कर के टोपियों का बहिष्कार किया गया है। दुकानदारों ने थोक मंडी से बेचने के लिए टोपियां नहीं खरीदी और ना ही कोई और चाइनीज़ सामान उठाया। वही पाकिस्तान, इंडोनेशिया और बाकि इस्लामी देशों में मस्तकी टोपियों की ज़बरदस्त बिक्री हुई।

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इस बार चीन की सरकार ने अपने देश में रोजे पर पाबंदी लगा दी है। इसका विरोध भारत में कई जगह हुआ। बरेली के कई संगठनों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेज कर इस मामले में चीन की सरकार से बात करने की मांग की थी। रोजे पर रोक के विरोध में बरेली के दुकानदारों ने चाइना का माल नहीं उठाया।

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टोपी के अलावा दूसरे इस्लामी सामान जैसे कार हैंगिंग, तसबीह, तुगरे, घड़ी आदि बिलकुल नहीं खरीदे गए। लोगों ने चाइनीज सामान से पूरी तरह बहिष्कार किया है।

यर भी पढ़ें… बकरीद पर इरफ़ान खान ने दिया विवादित बयान, कहा ‘बकरे की कुर्बानी देना है गलत, देना है तो अपने अज़ीज़ की दें कुर्बानी।’

बकरीद को ले कर के इरफ़ान खान ने दिया विवादित बयान, कहा ‘बकरे की कुर्बानी गलत, देना है तो अपने अज़ीज़ की दो कुर्बानी।’

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हैदर, तलवार और पीकू जैसी ना जाने कितने फ़िल्मों में अपने अभिनय से खुद का लोहा मनवाने वाले अभिनेता इरफ़ान खान ने इस्लाम के बड़े पर्व ईद-उल-जुहा (बकरीद) को ले कर के विवादित बयान दे दिया है।

ज़रूर पढ़ें…मोदी को भी नहीं बख़्शा स्वामी ने किया पलटवार, कहा ‘मैं नहीं भागता पब्लिसिटी के पीछे, पब्लिसिटी मेरे पीछे भागती है।’

अपनी आने वाली फ़िल्म मदारी के प्रमोशन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इरफ़ान ने कहा कि ‘कुर्बानी का मतलब, अपनी किसी अज़ीज़ चीज़ की कुर्बानी होता है। ये नहीं की आप बाज़ार से दो बकरे खरीद कर लाए और उसकी कुर्बानी दे दें। आपको उन बकरों से कोई लेना देना ही नहीं तो वो कुर्बानी कहा से हुई ? उससे आपकी कौन सी दुआ कुबूल होगी ? आगे उन्होंने कहा कि ‘हर कोई अपने दिल से पूछे की किसी की जान लेने से उसे कैसे कोई दुआ मिल सकती है ?’
अंत में उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि, ‘हमें फिर से ये समझना होगा कि ये त्यौहार बनाए क्यों गए हैं।’

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RSS ने पाकिस्तान को इफ्तार पार्टी में आने से किया मना, पहले भेज चुके थे निमंत्रण !

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#Newbuzzindia/नई दिल्ली | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमेशा से ही मुस्लिम विरोधी होने के आरोप लगते रहे है। RSS ने इन बातों को अपने से दूर करने और मुस्लिमों के बीच अपनी छवि बदलने के लिए विश्व स्तरीय इफ्तार पार्टी का आयोजन किया है।

आरएसएस और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से आयोजित इस इफ्तार पार्टी में 146 देशों को आमन्त्रण भेजा गया था, इनमे से 40 मुस्लिम देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे है। इन्ही में संघ ने पाकिस्तान उच्चायुक्त अब्दुल बासित को भी इफ्तार पार्टी में आने का निमंत्रण भेज था। संघ के इस कदम का विरोध कांग्रेस के साथ साथ विपक्षी दलों ने भी विरोध किया था।

अब्दुल बासित द्वारा पम्पोर हमले पर की गयी विवादित बयानबाजी के चलते संघ नाराज हो गया और संघ की ओर से पाकिस्तान उच्चायुक्त को फोन कर इफ्तार पार्टी में आने से मना कर दिया गया है।

आपको बता दे कि संघ और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से 2 जुलाई को संसद भवन में इस इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और आरएसएस का यह पहला इस तरह का बड़ा आयोजन है।

इस सन्दर्भ में आरएसएस मंच के मार्गदर्शक ने कहा कि यह आयोजन, विदेशो में भारत के बारे में पता लगेगा की भारत में हर धर्म को एक समान महत्व दिया जाता है।

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उद्धव ने भाजपा और संघ को कहा पाखंडी, बोला ‘हिंदुत्व से पकड़ खो रही है भाजपा।’

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हिंदुत्व को अपना मुद्दा बना कर देश में दक्षिणपंथी विचार के राजनीति की नीव रखने वाली राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगी संगठन शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे के निशाने पर आ गई है। देश में अपनी राजनीतिक पैठ बनाने के लिए अक्सर भाजपा को अपने कट्टर मुद्दों के साथ समझौता करते हुए देखा गया है। जो की समय के साथ अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए ज़रूरी भी है। पर अपने बदलाव के इन्ही गुणों के वजह से आज भाजपा पर निशाना साधा जा रहा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक संगठन की ओर से आयोजित की जाने वाली इफ्तार पार्टी को लेकर शिवसेना ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है। केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने इफ्तार पार्टी को पार्टी का ‘पाखंड’ बताया है। बता दें, आरएसएस के संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने दो जुलाई को इफ्तार पार्टी रखी है।
शिवसेना की नेता मनीषा ने एएनआई से कहा, ‘यह हैरान करने वाली बात है कि इस तरह की इफ्तार पार्टी आरएसएस आयोजित कर रहा है। लेकिन हैरानी भी नहीं हैं क्योंकि आरएसएस और भाजपा हिंदुत्व एजेंडे पर पकड़ खो रहे हैं।’

साथ ही कहा कि ‘राम मंदिर का मुद्दा देख लीजिए जिसकी वजह से पार्टी दो सांसदों से 181 सांसदों तक पहुंची है। पार्टी उससे भी हटती नजर आ रही है। वे इफ्तार पार्टी को सांस्कृतिक कार्यक्रम बता रहे हैं। यह पार्टी का पाखंड है।’

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने करीब 140 देशों के नेताओं को इफ्तार पार्टी का न्योता दिया है। मंच ने इंटरनेशनल रोजा इफ्तार पार्टी दो जुलाई को आयोजित की है।

योग के समर्थन में बोले मुस्लिम उलेमा, ‘योग ज़रूर करें, ओम की जगह पर अल्लाह हू कहें।’

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आज विश्व योग दिवस है। मुस्लिम उलेमा ने योग को धर्म से न जोड़ने की बात कही है। उन्होंने कहा कि योग से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। सेहत के लिए कोई भी योग कर सकता है। ओम के स्थान पर अल्लाह हू का उच्चारण कर सकते हैं।

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नायब शहर काजी डा. अशरफ हुसैन कादरी ने योग के समर्थन में कहा कि इस्लाम में सूफिया ए इकराम ने कई तरह यौगिक क्रियाओं को अपनाया है। वे भी अपनी क्रिया में सांस अंदर लेते वक्त अल्लाह और सांस छोड़ते समय हू कहते हैं। यह भी एक योग क्रिया है।

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साथ ही उन्होंने लोगों से योग को किसी भी धर्म विशेष से न जोड़ने की अपील भी की। बताया कि हदीस पाक में भी स्वस्थ रहने के लिए इंसान को लाठी चलाना, तैराकी करना, घुड़सवारी करना और कुश्ती की सलाह दी गई है।