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मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, कहा ध्यान सिर्फ अभियान चलाने पर है कोरोना पर नहीं

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मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में असफल रही है। प्रदेश में लगातार संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इससे मरीजों की ना सिर्फ मृत्यु हो रही है और उन्हें अस्पतालों में इलाज भी नहीं मिल रहा है। फीवर क्लिनिकों में जांच तक नहीं हो रही है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य आग्रह कार्यक्रम को जनता का ध्यान मोड़ने का अभियान करार दिया।

पत्रकारवार्ता में पटवारी ने कहा कि पिछले एक साल से सरकार को रोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर अभियान चला रही है लेकिन उसका असर कहीं नजर नहीं आ रहा है। इसके बावजूद सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। मंत्री बंगाल और दमोह विधानसभा के चुनाव में व्यस्त हैं।इसी के साथ साथ मुख्यमंत्री अभियान पर अभियान चलाए जा रहे हैं।

जिला आपदा प्रबंधन समूह में विपक्ष के विधायकों को नहीं रखा गया है और ना ही सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस समस्या से निपटने के लिए कोई पहल की गई । अवैध शराब को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि आए दिन अवैध और जहरीली शराब से लोगों की मृत्यु हो रही है। सरकार माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा तो करती है पर हकीकत कुछ और ही नजर आती है। 

ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिला बड़ा झटका ,दमोह उपचुनाव में प्रचार करेंगे भाजपा सांसद केपी यादव

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मध्यप्रदेश में होने वाले दमोह उपचुनाव के लिए बीजेपी से गुना सांसद केपी यादव चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बीजेपी द्वारा केपी यादव को प्रचार में बुलाए जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।पिछले लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर सांसद बने केपी यादव को ऐसे समय में प्रचार के लिए बुलाया गया है जब खबरें आ रही है कि पार्टी ने सिंधिया को चुनाव से दूर रहने का निर्देश दिया है।

चुनाव प्रचार में आने पर रोक लगाने की वजह से सिंधिया इतने खफा हो गए कि उन्होंने अपने अन्य कार्यक्रमों तक को रद्द कर दिए है। बीजेपी द्वारा केपी यादव को प्रचार में उतारने के बाद कांग्रेस को सिंधिया को घेरने का बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। 

कांग्रेस ने इस मामले पर तंज कसते हुए कहा है कि शिवराज के चूल्हे में नई राख दिख रही है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट किया, ‘सिंधिया को हराने वाले गुना सांसद केपी यादव दमोह में प्रचार कर रहे हैं, और सिंधिया के दमोह प्रवेश पर प्रतिबंध है। “शिवराज के चूल्हे में नई राख दिख रही है”

माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा गद्दार और बिकाऊ करार दिए जाने के बाद सिंधिया की छवि को नकारात्मक मानते हुए बीजेपी चाहती है कि उनके बिना ही चुनाव प्रचार किया जाए। ताकि कांग्रेस को गद्दार और बिकाऊ वाले मुद्दे पर ज्यादा बोलने का मौका न मिल पाए।

मध्यप्रदेश में सिंधिया समर्थक मंत्रियों की अनुमति के बिना ही उनके विभागों के फैसलों पर हो रहा है अमल

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मध्यप्रदेश में सूखे राशन के होम डिलीवरी में बड़े स्तर पर अनिमितता की खबर है। सिंधिया के साथ भाजपा में आए मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया की सहमति के बगैर पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्रालय के फ़ाइल आगे बढ़ गए। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने 285 करोड़ का काम अलॉट करने के पहले सिसोदिया का मंजूरी लेना भी जरूरी नहीं समझा। 

लॉकडाउन के बाद स्कूल बंद होने की स्थिति में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार मिड-डे-मील की जगह सूखे राशन की होम डिलीवरी की जा रही है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्रालय के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने इससे संबंधित करीब 285 करोड़ का काम केंद्रीय भंडार को अलॉट किया है। लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह है कि करोडों का काम देने से पहले विभाग के मंत्री तक से भ सहमति भी नहीं ली गई और फ़ाइल को आगे बढ़ा दिया गया।

मंत्री सिसोदिया को बाद में जब इस बात का पता चला तो उन्होंने नोट शीट जारी कर चीफ सेक्रेटरी से जवाब तलब किया है। सिसोदिया यह जानना चाहते हैं कि किस नियम के आधार पर केंद्रीय भंडार को यह कार्य सौंपा गया। सिसोदिया ने भी इस बात की पुष्टि भी की है कि उनकी सहमति के बिना फ़ाइल को आगे बढ़ाया गया है।

यह स्थिति सिर्फ ग्रामीण विकास मंत्रालय की नहीं है। सिंधिया समर्थक सभी मंत्रियों के विभाग में लगभग यही कहानी है। विभाग के अधिकारी ही मंत्रियों के बात नहीं सुनते। बिना सहमति के फाइलों को बढ़ा दिया जाता है। हालांकि, उन्होंने इस बात के बारे में कुछ नहीं कहा कि किसके इशारों पर ये अधिकारी काम कर रहे हैं।

बहरहाल, इस मामले के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में इस बात की चर्चाएं तेज हैं कि भाजपा में सिर्फ सिंधिया ही उपेक्षा के शिकार नहीं हो रहे हैं बल्कि पूरी सिंधिया समर्थकों को इससे गुजरना पड़ रहा है।

भाजपा से नाराज़ हुए सिंधिया , नहीं करेंगे दमोह में प्रचार

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मध्यप्रदेश भाजपा में एक बार फिर अनबन होने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर पार्टी हाईकमान से नाराज हो गए हैं। इस बात को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाए जा रहे हैं। दावा है कि सिंधिया के चुनाव प्रचार तक में आने पर रोक लगा दिया गया था, जिस वजह से खफा होकर उन्होंने अपने कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।

इस मामले पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलुजा ने ट्वीट किया कि, ‘चर्चा ज़ोरों पर है कि दमोह उपचुनाव में प्रचार के लिये नहीं बुलाने से नाराज व अपनी किरकिरी से बचने के लिये श्रीमंत ने अपना 4-5 अप्रैल का ग्वालियर क्षेत्र का दौरा ही निरस्त कर दिया है। वैसे भी उनके इस दौरे में दमोह प्रचार का कोई कार्यक्रम नहीं था,प्रदेश में चुनाव और महाराज महल में?’

सिंधिया के नाराज होने के पीछे दो वजहें हैं। एक तो स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हें 10वें स्थान पर धकेल दिया गया और उसके बाद अब चुनाव प्रचार अभियान से भी दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा गद्दार और बिकाऊ करार दिए जाने के बाद सिंधिया की छवि को गलत मानते हुए भाजपा चाहती है कि उनके बिना ही चुनाव प्रचार किया जाए ताकि कांग्रेस को गद्दार और बिकाऊ वाले मुद्दे पर ज्यादा बोलने का मौका न मिल पाए।के

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कोरोना का हवाला देते हुए अपने दौरे रद्द कर दिए हैं। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रतलाम, निवाड़ी जैसे कई ऐसे मुख्य शहर है जहां कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई शहरों में लॉकडाउन के बावजूद सीएम शिवराज को अपने कार्यक्रमों को लेकर किरकिरी का सामना करना पड़ा रहा था। मामला तूल पकड़ते देख उन्होंने भी अपने दौरे को रद्द कर दिया है।

सिंधिया और शिवराज के दौरे रद्द होने को साझा फैसला के तौर पर दिखाया जाता है। इसके पीछे तर्क यह है कि सिंधिया का दौरा निजी था और सीएम शिवराज सार्वजनिक शिलान्यास कार्यक्रमों में शरीक होने वाले थे।

दमोह के कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ भाजपा करेगी इलेक्शन कमीशन में शिकायत

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मध्यप्रदेश के दमोह विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का आचारसंहिता का उल्लंघन करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। अजय टंडन आज अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट खरीदते हुए नज़र आ रहे है। अपनी विधानसभा में खुले आम पैसे बाटते अपने लिए वोट मांग रहे है।

मध्यप्रदेश भाजपा ने अपने ट्विटर एकाउंट से ट्वीट करते हुए कहा है कि जब झूठे वादों पर बात नहीं चल पाती तो कांग्रेस अपने न्यूनतम स्तर पर उतर ही आती है। दमोह से कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन नोट के जरिये जनता को खरीदने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दमोह की जनता समझदार है। कमलनाथ जी जनता भगवान है, बिकाऊ नहीं।

मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले दिन से पता है कि वो चुनाव बुरी तरह से हार रही है। इसीलिए पैसों का लालच देकर वोट खरीदने की कोशिश जारी है, लेकिन जनता कांग्रेस का असली चेहरा देख चुकी है। वो कांग्रेस के झूठे वादों और प्रलोभन में नहीं आएगी। सरकार इलेक्शन कमीशन में भी शिकायत दर्ज करने जा रही है।

साल 1984 में दमोह सीट कांग्रेस विधायक चंद्र नारायण टंडन के निधन के बाद रिक्त हो गया था। कांग्रेस ने उनके भतीजे अनिल टंडन को मैदान में उतारा था जो भाजपा उम्मीदवार जयंत मलैया से हार गए थे। मलैया की जीत ने उनके सियासी करियर को 2018 तक मजबूत बनाए रखा, तब तक वह भाजपा सरकार में मंत्री बने रहे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दमोह उपचुनाव लोधी या मलैया के करियर को पुनर्जीवित करेगा, या किसी नए नेता को उभारेगा।

मध्यप्रदेश के दमोह के कांग्रेस प्रत्याशी का नोट बाटते हुए वीडियो हुआ वायरल

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) के दमोह(Damoh) विधानसभा(Vidhansabha) सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का आचारसंहिता का उल्लंघन करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। अजय टंडन(Ajay Tandon) आज अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट खरीदते हुए नज़र आ रहे है। अपनी विधानसभा में खुले आम पैसे बाटते अपने लिए वोट मांग रहे है।

दमोह के कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान नोट बांटने की घटना को भारतीय जनता पार्टी ने गंभीरता से लिया है । भाजपा के नेता इसकी शिकायत करने चुनाव आयोग जाएंगे। मध्यप्रदेश के भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने कहा है कि जहा एक तरफ जहां कांग्रेस यह नारा देती है कि हम बिकाऊ नही टिकाऊ सरकार बनाने की कोशिश में है वही एक तरफ कांग्रेस का प्रत्याशी खुद तो बिका हुआ है उसके साथ ही अपनी जनता को भी खरीदने की कोशिश में जुटा हुआ है।

गौरतलब है कि कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन इसके पहले भी 2 बार अपनी किस्मत आजमा चुके हैं लेकिन दोनों ही बार उन्हें भाजपा के दिग्गज नेता जयंत मलैया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। टंडन मौजूदा भाजपा प्रत्याशी राहुल लोधी के चुनाव में प्रबंधक की भूमिका में भी काम कर चुके हैं यही कारण है इसबार का उपचुनाव रोचक हो गया है।

साल 1984 में दमोह सीट कांग्रेस विधायक चंद्र नारायण टंडन के निधन के बाद रिक्त हो गया था। कांग्रेस ने उनके भतीजे अनिल टंडन को मैदान में उतारा था जो भाजपा उम्मीदवार जयंत मलैया से हार गए थे। मलैया की जीत ने उनके सियासी करियर को 2018 तक मजबूत बनाए रखा, तब तक वह भाजपा सरकार में मंत्री बने रहे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दमोह उपचुनाव लोधी या मलैया के करियर को पुनर्जीवित करेगा, या किसी नए नेता को उभारेगा।

भोपाल में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने खेल खेल में कैबिनेट मंत्री का उड़ाया मज़ाक

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार(Shivraj Government) के एक साल पूरा होने पर जश्न में डूबी हुई है। पूरे राज्य में इस मौके पर समारोह आयोजित किए गए हैं। इसी बीच भाजपा के एक कार्यक्रम में शिवराज सरकार में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत(Govind Singh Rajput) को उड़ाए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। खेल-खेल में बीजेपी नेताओं ने सिंधिया के कट्टर समर्थक मंत्री गोविंद सिंह को ही उड़ा दिया।

बताया जा रहा है की शिवराज सरकार के एक साल पूरा होने के पूर्व संध्या पर भाजपा भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए कौआ उड़, तोता उड़, मैना उड़ खेल का आयोजन किया था। इस दौरान खेल-खेल में आलोक शर्मा भावुक होकर एक बड़ी चूक कर दिए और कार्यकर्ताओं के साथ ‘गोविंद सिंह राजपूत उड़’ कह उन्हें भी उड़ा दिया।

कमलनाथ सरकार और उनके कैबिनेट के मंत्रियों का इस कार्यक्रम में मजाक उड़ाया जा रहा था। खेल में चिड़ियां उड़ाने के बाद आलोक शर्मा कहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की अलीबाबा और चालीस चोरों वाली सरकार थी। इसके बाद एक-एक कर कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हैं और कार्यकर्ता उड़ बोलकर उन्हें उड़ाते हैं। इस दौरान आलोक शर्मा भूल गए कि कमलनाथ के कुछ मंत्री आज भाजपा सरकार में भी मंत्री हैं और गोविंद सिंह राजपूत उड़ भी बोला।

आज इस खेल के दूसरे दिन इस खेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद मध्यप्रदेश में सियासी हलचल मच गई है। हालांकि, मामले पर अबतक गोविंद सिंह राजपूत या फिर आलोक शर्मा की ओर से कोई सफाई नहीं आई है।

मध्यप्रदेश के दमोह विधानसभा के लिए कांग्रेस ने घोषित किया अपना उम्मीदवार

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) के दमोह विधानसभा(Damoh Vidhansabha) उपचुनाव(By-election) होने के साथ ही कांग्रेस पार्टी(Congress Party) ने जीत के लिए अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी बीच कांग्रेस ने सोमवार को दमोह उपचुनाव के लिए अपने उम्मीवार का ऐलान कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने अजय टंडन को अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि अजय टंडन दमोह से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैं। वहीं भाजपा से राहुल लोधी अजय टंडन के सामने चुनाव लड़ेंगे। राहुल लोधी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था जिसके चलते दमोह में चुनाव हो रहे है।

गौरतलब है कि दमोह विधानसभा का उपचुनाव के लिए 17 अप्रैल को मतदान होगा और दो मई को मतों की गिनती होगी। 23 मार्च को चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 30 मार्च तक उम्मीदवारों की नामांकन की अंतिम तिथि है। वहीं, 3 अप्रैल नाम वापसी की आखिरी तिथी रखी गई है।

मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष दिया बड़ा बयान, कहा जल्द हो सकती है निगम और मंडलो में नियुक्तियां

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23 मार्च को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सिंह चौहान की सरकार को एक साल पूरे होने जा रहे है। आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा (BJP State President VD Sharma) ने शिवराज सरकार के एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां बताई है।

कोरोना के बढ़ते हुए क्रम के दौरान बनी भाजपा सरकार ने चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए कार्य किया और कमलनाथ सरकार द्वारा बंद करवाई गई जनहितकारी योजनाओं को दुबारा शुरू कर गरीबों को उनका हक वापस दिया।

उन्होंने कहा कि, कमलनाथ सरकार ने आते ही वैचारिक आक्रमण शुरू कर दिए थे। वंदे मातरम् का गान बंद किया गया, मीसाबंदियों की सम्मान निधि / पेंशन बंद की, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय की सुरक्षा को हटा दिया गया था। कमलनाथ सरकार के पास जनहितकारी कार्यों के लिए पैसे नहीं थे लेकिन उसके बाद भी IIFA के लिए कोई कमी नहीं थी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के एक साल पूर्व होने पर पार्टी द्वारा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में 22 मार्च को भाजपा सेवा का संकल्प दिलाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा 23 मार्च को स्वीकृत हुए कामों पर विकास का नारियल फोड़ेंगे। हमारी पार्टी इस दौरान जनता के बीच उसके 12 महीने के कार्यकाल और कांग्रेस के 15 महीनों के कार्यकाल में हुए कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान संकेत देते हुए कहा कि निगम और मंडलों में जल्द नियुक्ति हो सकती है । संगठन ने इसके लिए सरकार के समक्ष बात रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री निगम मंडलों को लेकर गंभीर है और जल्द ही निगम मंडलों में नियुक्ति को लेकर फैसला हो सकता है।

कांग्रेस की शांतिपूर्वक रैली में हुआ प्रशासन की तरफ से लाठीचार्ज, कई बड़े नेता हुए गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल(Bhopal) में कांग्रेस पार्टी(Congress Party) की तरफ से किसानों के समर्थन में रैली का आयोजन किया गया था। इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस नेताओं पर लाठी चार्ज की और साथ ही साथ आंसू गैस के गोले भी दाग दिए। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की अगुवाई में हुआ था।

कांग्रेस नेताओं की रैली जवाहर चौक से प्रारंभ हुई थी। वहां से कांग्रेस के नेता राजभवन ज्ञापन देने जा रहे थे। रोशनपुरा के पास पुलिस ने बैरीकेड लगाकर कांग्रेस जाने से रोक दिया गया था। मध्य प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं जैसे दिग्विजय सिंह, कुणाल चैधरी , जीतू पटवारी , सज्जन सिंह वर्मा और कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। उसके बाद वहां कांग्रेस के नेता बैरीकेड तोड़ने का प्रयास करने लगे। इस दौरान सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए।

प्रदर्शन के दौरान आधा दर्जन से ज्यादा आंसू गैस के गोले दागे गए। वहीं वाॅटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़कर भीड़ को हटाने की कोशिश की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के द्वारा पथराव भी हुआ था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के जख्मी होने के भी समाचार है। जिसके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा है कि , किसानो के समर्थन में आज मध्यप्रदेश के भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हज़ारों किसान भाइयों व कांग्रेसजनो पर शिवराज सरकार के ईशारे पर किये गये बर्बर लाठीचार्ज , आंसू गैस व वाटर केनन छोड़े जाने की व गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा करता हूँ।

कमलनाथ ने यह भी कहा कि ,इस लाठीचार्ज में कई किसान भाइयों, कांग्रेसजनो , महिलाओं व मीडिया के साथियों को चोटे आयी है। उनके स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। किसानो के समर्थन में हमारा संघर्ष जारी रहेगा, हम ऐसे दमन से डरने-दबने वाले नहीं है।