Home Tags Mp congress

Tag: mp congress

पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने भोपाल आईजी को लिखा पत्र

0

आत्महत्या वाले कांड में पूर्व मंत्री उमर सिंघार ने निष्पक्ष जांच के लिए भोपाल आईजी को पत्र लिखा है। उन्होंने FIR दर्ज करने के पहले इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी एजेंसी के द्वारा जांच कराए जाने की मांग की है।

बता दें कि शाहपुरा थाने में उमर सिंघार के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज है। घर पर मिले सुसाइड नोट और महिला के बेटे और नौकर के बयानों के आधार पर धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है।

दरअसल सुसाइड नोट में महिला ने ऐसी कई कुछ बातें लिखी है जिससे प्रताडना की पुष्टि होती है। हालांकि मंत्री का कहना है कि हम शादी करने वाले थे। मैं इस कोरोना के चलते अपने छेत्र में निरंतर काम कर रहा था और मझे इसकी कोई जानकरी नही है कि उसने आत्महत्या क्यों की है।

पूर्व मंत्री उमंग सिंघार पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला हुआ दर्ज

0

भोपाल: पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार के बंगले पर उनकी महिला मित्र के आत्महत्या केस में उनपर मामला दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट, महिला के बेटे और नौकर के बयानों के आधार पर धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला के बेटे और नौकरों ने माना की सिंघार और महिला के बीच नोकझोक होती थी।

शाहपुरा थाने में उमंग सिंघार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। सुसाइड नोट में भी लिखी थी महिला ने कुछ ऐसी बातें जिससे पुलिस को प्रताड़ना के आरोप मिले हैं। आपको बता दे कि रविवार शाम, उमंग सिंघार के शाहपुरा के बंगले में महिला ने आत्महत्या की थी।

आज महिला का अंतिम संस्कार भोपाल के कोलार स्थित सनखेड़ी में अंतिम संस्कार किया। जहां अंतिमसंस्कार में शामिल होने के लिए उमंग सिंघार भी पहुंचे। इस दौरान वे महिला की मां को गले लगा कर भावुक हो गए और पूर्व मंत्री ने महिला से रिश्ते को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी।

पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने मीडिया से बात करते हुए बोले कि मौत की खबर सुनकर स्तब्ध हैं। अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए बोले कि सोनिया एक अच्छी मित्र थी और भविष्य में वे दोनों परिवार मिलकर शादी करने वाले थे। कौन नहीं चाहता गृहस्थ जीवन हो। वहीं भाजपा द्वारा बार बार महिला की मौत पर सवाल उठाने को लेकर कहा कि क्या कारण है सरकार परेशान कर रही है? उनके बेटे और उनकी मां को बार-बार बयान करवा रही है। सरकार सीधे-सीधे मामले पर पॉलिटिक्स करना चाह रही है। शनिवार को सोनिया से आखिरी बार बात हुई थी और तब तक सब ठीक था। उन्होंने आगे यह भी बोला कि पुलिस इस मामले में जो सहयोग चाहेगी वह दूंगा।

राजधानी में एक महिला ने की आत्महत्या,पूर्व मंत्री के नाम पर पीड़िता ने छोड़ा सुसाइड नोट

0

भोपाल में पूर्व मंत्री उमंग सिंघार सिंगार के बंगले पर 40 वर्षीय एक महिला ने आत्महत्या कर ली है। महिला ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमें उसने परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। और साथ में उसमें उमंग सिंघार के नाम का भी जिक्र किया गया है।

जानकारी मिली है कि ये घटना शाहपुरा B सेक्टर की है। बताया जा रहा है कि महिला करीब 25 दिन पहले ही दिल्ली से वापिस लौटी थी और उमंग सिंघार के बंगले पर रह रही थी। महिला की आत्महत्या के बाद हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। हर तरफ इसी की चर्चा चलने लगे गई है कि आखिर वे महिला कौन थी और उमंग सिंघार के बंगले पर इतने दिनों से क्या कर रही थी।

बता दे कि घटना स्थल से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है उसमें पूर्व मंत्री उमंग सिंघार के नाम का कई बार जिक्र किया गया है। महिला ने ये लिखा है कि गुस्सा बहुत तेज है अब सहन नहीं होता। किसी बात का साफ जवाब नहीं देते है। महिला ने नोट में अपने बेटे आर्यन को लेकर लिखा की बेटा मैं तेरे लिए कुछ नहीं कर पाई।

मध्यप्रदेश सरकार पर कमलनाथ ने किया हमला, कहा कि बीजेपी आपदा में भी अवसर निकाल रहीं है

0

मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के साथ ही नकली इंजेक्शन से हुई मौतों के मामले में कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को कसूरवार ठहराया है । पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार से सवाल किया है कि इन माफियाओं को किसका संरक्षण है ? और साथ ही कमलनाथ ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई किये जाने की मांग की है।

कमलनाथ ने ट्वीट किया कि , “कोरोना की इस महामारी में मध्यप्रदेश में एक नये तरीक़े का माफिया सामने आया है वो है “ रेमडेसिविर माफिया “ ? जिसने इस संकट काल में कई लोगों की जाने ली है , कई ज़रूरतमंद लोगों को लूटा है , कई लोगों को ठगा है , कई परिवारों को बर्बाद किया है। आख़िर ऐसे माफ़ियाओ को किसका संरक्षण ?

उन्होंने आगे ट्वीट किया कि, ऐसे माफ़ियाओ पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो , ये मानवता व इंसानियत के दुश्मन। गाड़ दूँगा , टाँग दूँगा , लटका दूँगा लेकिन प्रदेश में माफिया ना गड रहे , ना टंग रहे , ना लटक रहे ? आपदा में भी अवसर…”

इंदौर का कद्दावर कांग्रेस नेता कर रहा था ऑक्सीमीटर की कालाबाजारी

0

इंदौर के राजेंद्र नगर पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता यतिन्द्र वर्मा (यति) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान यतिन्द्र वर्मा को पकड़ा है। आरोपी कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को ऑक्सीमीटर ब्लैक में बेच रहा था।

पुलिस ने कहा कि पकड़े गए आरोपी यतिन्द्र वर्मा कांग्रेस पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि आरोपी ऑक्सीफ्लोमीटर की कालाबाजारी कर रहा है। और 7 हजार में ऑक्सीफ्लोमीटर बेचता था।

बता दे कि आरोपी यतींद्र वर्मा को थाना प्रभारी ने खुद के परिवार के सदस्य के बीमार होने का हवाला दिया। उन्होंने आरोपी से ऑक्सीफ्लोमीटर मंगवाया। डिलीवरी के वक्त उसने थाना प्रभारी से 7 हजार रुपये मांगे। इसके बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया।

कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, कहा नेता और कार्यकर्ता कर रहे है इंजेक्शन की कालाबाजारी

0

मध्य प्रदेश के जिला इंदौर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना से हो रही मौत के लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनो ही जिम्मेदार है। इन्होंने लाशों पर राजनीति की है। इन्हें जनता की कोई चिंता नहीं।

कमलनाथ ने प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत और कालाबाजरी को लेकर भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता रेमडिसिवर इंजेक्शन की काला बाज़ारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन भी राजनीति पर उतर आई है। रेमडेसिविर के इंजेक्शन बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बांटा जा रहा है जो ब्लैक में बेच रहे है। और आरोप लगाया कि उन्होंने इसे भी व्यापार बना लिया है। कमलनाथ ने कहा कि मैं हर संभव मदद कर रहा हूं जहाँ रेमडिसिवर इंजेक्शन मिल रहे है मंगवा रहा हूं।

मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद ने लगाया सरकार पर गंभीर आरोप, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

0

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह(digvijay singh) ने प्रधानमंत्री(prime minister) नरेंद्र मोदी(narendra modi) को देशभर में हो रहे जानलेवा कोरोना वायरस संक्रमण के बीच ऑक्सीजन(oxygen), रेमडेसिविर इंजेक्शन (remdisivir injection) और कोरोना वैक्सीन(corona Vaccine) की कमी के बाद अब जांच की किट की शॉर्टेज पर पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि किस तरह सैंपल लेने के लिए किटों की कमी के कारण ईयरबड्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने पीएम को 6 अहम बिंदुओ पर कार्य करने का सुझाव भी दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित पत्र में दिग्विजय सिंह ने लिखा कि , ‘पिछले कुछ महीनों में अप्रत्याशित रूप से कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई है। पिछले साल फरवरी में ही राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को सुनामी जैसी स्थिति के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी थी। हालांकि दुर्भाग्य है कि सरकार कोरोना के गंभीर खतरों को तब समझ नहीं पाई और आज अस्पतालों में बेड्स, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन और यहां तक कि फैबिफ्लू 800 एमजी टैबलेट्स की भी कमी है।’

दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी R T- P C R टेस्ट ईयरबड्स से लिया गया है। यह एक चिंता का विषय है कि पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके व वर्तमान में राज्य सभा सांसद की पद पर बैठे व्यक्ति को RT-PCR जांच के लिए जूझना पड़ रहा हो और जांच के लिए लैब से ईयरबड्स भेजे जा रहे हों।

दिग्विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी को दिए 6 अहम सुझाव

1. केंद्र सरकार को गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए राज्यों को फंड जारी करना चाहिए।

2. दैनिक आधार पर अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई को मॉनिटर किया जाना चाहिए।

3. रेमडिसिवर इंजेक्शन जिसे एक्सपोर्ट के लिए रखा गया था उसे तुरंत ट्रांसपोर्ट कर कमी वाले राज्यो, शहरों में भेजा जाना चाहिए। मुझे जानकारी मिली है कि इसके लिए DGCI की मंजूरी चाहिए, जो तत्काल देना चाहिए।

4. प्रत्येक पीएचसी और सिविल डिस्पेंसरी में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करवाया जाना चाहिए और फिलहाल कोई निर्यात नहीं किया जाना चाहिए।

5. 24 घंटे ऑक्सीजन सप्लाई और जरूरी दवाओं जैसे रेमेडेसिविर और फैबिफ्लू 800 एमजी टैबलेट्स की आपूर्ति को मॉनिटर करने के लिए कंट्रोल रूम बनाए जाने चाहिए।

6. प्रत्येक पीएचसी और सिविल डिस्पेंसरी में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट्स की उपलब्धता सुनिशचित किया जाना चाहिए। 

दिग्विजय सिंह ने यह भी लिखा है की इस आपात स्थिति में हम सबको इस बात का एहसास होना चाहिए कि हम किन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को उन्होंने गैरजरूरी बताया है और कहा कि केंद्र को लॉकडाउन का फैसला राज्यों पर छोड़ देना चाहिए।

इस आपात स्थिति से निपटने के किए उन्होंने प्रधानमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी अपील की है। कांग्रेस नेता ने चिट्ठी के साथ ही एक नोट भी भेजा है जिसमें रेमडेसिविर इंजेक्शन की शॉर्टेज को खत्म करने के किए जरूरी उपायों पर कदम उठाने की बात की गई है।

मध्यप्रदेश में अब बीजेपी के मंत्री ही खोल रहें है सरकार की पोल

0

मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर कम नही हो रहा है।प्रदेश में कही दावा की कमी है तो कही ऑक्सीजन की। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के एक मंत्री जी ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं चेक की और उन्होंने बताया कि सरकार इसमे फैल है।

प्रदेश के मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर ने अपनी ही सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। दरअसल देर रात ग्वालियर के माधव डिस्पेंसरी में मरीज बनकर मंत्री जी पहुंचे थे ।अस्पताल में डॉक्टर ओर जांच की व्यवस्था ना होने पर अपनी नाराजगी जाता रहे थे।उसी समय मौके से ही कलेक्टर को फोन कर उन्होंने अपनी नाराजगी जताई थी।

ऐसे में विपक्ष भी कई सवाल करने लगा है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल पूछते हुए ट्वीट किया कि प्रदेश के सागर , उज्जैन व खरगोन में ऑक्सिजन की कमी से मौत की खबरें बेहद झकझोर देने वाली व प्रदेश को शर्मशार करने वाली ?
उज्जैन में तो भाजपा के एक कार्यकर्ता ने रात में ही सोशल मीडिया पर ऑक्सिजन की कमी बता दी थी , फिर भी ज़िम्मेदार नहीं जागे ?

भोपाल के जेपी अस्पताल के सीनियर डॉक्टर ने दिया अपना इस्तीफा, यह थी वजह

0

मध्य प्रदेश के जेपी अस्पताल का पूरा स्टाफ घबराया हुआ है। आज अस्पताल में कोरोना एक व्यक्ति की मृत्य हो गई है। इस घटना के बाद सीनियर डॉक्टर योगेंद्र श्रीवास्तव ने शासकीय नौकरी से इस्तीफा दिया। जेपी अस्पताल के डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार होने पर सीनियर डॉक्टर योगेंद्र श्रीवास्तव सदमे में है और उन्होंने शासकीय सेवा से अपने इस्तीफ दे दिया है। जानकरी के अनुसार पूरा स्टाफ इस घटना के विरुद्ध में हड़ताल पर जा सकता है।


दरअसल आज कुछ नेताओं ने जेपी हॉस्पिटल में पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया। अस्पताल में हंगामा कर डॉक्टरों को धमकाया और आम जनता को परेशान भीं किया । जेपी अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल बन गया। लॉकडाउन के नियम केवल आम जनता के लिए है नेताओं ने कानून व्यवस्था को अपने हाथों में ले ली है।

डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ जहा लोगो की जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है वही कुछ नेता अपनी राजनैतिक अंकक्षाओ को परवान चढ़ा रहे है। आज के इस परिदृश्य में मानवता और नैतिकता को एक तरफ रखकर नेता डॉक्टरों और अन्य सेवा स्टाफ को धमाका रहे है।

डॉ.योगेंद्र श्रीवास्तव

“द- मोह” में मुख्यमंत्री ने की अपील, वोट डालने के लिए निकले बाहर

0

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को घरों में रहने की अपील करते हुए तो आपने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुना होगा। लेकिन दमोह पहुंचते ही उनके विचार कैसे बदल जाते हैं यह किसी ने सोचा नहीं होगा।

बीते दिनों कोरोना को लेकर चिंता जताने वाले शिवराज सिंह चौहान आज दमोह उपचुनाव में रंग बदलते नजर आए। हर बार उन्होंने मध्य प्रदेश की जनता से अपील की थी कि सभी घर पर रहे और सुरक्षित रहें लेकिन शुक्रवार को दमोह रैली में यह कहते हुए नजर आए कि ज्यादा से ज्यादा लोग बाहर निकलों और बीजेपी को जिताने में पूरी ताकत लगा दो।

पूरे प्रदेश की जनता के सामने सोशल डिस्टेंसिंग की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उपचुनाव की रैली में जो बयानबाजी की वो बेहद हैरान कर देने वाली है। उनकी इस रैली में न तो सोशल डिस्टेंसिंग दिखी और न ही कोरोना का खौफ था। रैली के संबोधन के दौरान शिवराज को न तो मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी का ख्याल रहा और न ही अस्पतालों में बेड और दवाइंयों की समस्या का।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्यार से यदि मनाया जाए तो पत्थर भी पिघल जाता है। सभी कार्यकर्ता बाहर निकलें, अधिक से अधिक लोगों को भाजपा के जीतने के लाभ बताएं! उन्हें भाजपा को आशीर्वाद देने के लिए अनुरोध करें। इतना ही नहीं सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि चुनाव में अब केवल आठ दिन बचे हैं। भाजपा को जिताने में पूरी ताकत लगा दो। घरों से बाहर निकल जाओ, यह चुनाव आपको ही लड़ना है।

शिवराज ने अपने ट्वीट में लिखा कि बीजेपी जहाँ पर सबसे अधिक वोट से जीतेगी, वहां सबसे पहले मैं आऊंगा। हर कार्यकर्ता पार्टी के लिए लड़ता है और पार्टी देश के लिए लड़ती है। यह चुनाव पार्टी के मान-सम्मान की लड़ाई है। भाजपा कार्यकर्ताओं की मां है। हर कार्यकर्ता को अपनी मां के दूध की लाज रखना है।