मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू है और उसके कारण ऑक्सीजन की कमी और कालाबाजारी की खबरे आ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में अब ऑक्सीजन की भी ऑडिट होगी। उन्होंने कहा कि किस जिले में कितनी ऑक्सीजन की जरुरत है और कितनी आपूर्ति हो रही है, कितनी ऑक्सीजन कहां जा रही है इसका भी अधिकारियों को हिसाब किताब रखना होगा।
दरअसल प्रदेश में ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम गड़बड़ चल रहा है। ऑक्सीजन की वितरण प्रणाली पर सीएम नाराज हो गए। अधिकारियों के साथ चल रही बैठक में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। सीएम ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि जिले ऑक्सीजन की डिमांड पहले बताएं। ल
बता दे कि व्यवस्थाओं में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब सीएम माइक्रो मॉनिटरिंग करेंगे। सीएम ने समीक्षा के लिए जिलों को तीन ग्रुप A, B और C में बांट दिया है।
ग्रुप A में है ये जिले
इंदौर, उज्जैन, रतलाम, टीकमगढ़, धार, अनूपपुर, झाबुआ, नीमच, देवास, निवाड़ी, मंदसौर, खरगोन, शाजापुर, आगर, मालवा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर जिले है।
ग्रुप B में है ये जिले
भोपाल, ग्वालियर, बैतूल, दतिया, विदिशा, सीहोर, मुरैना, शिवपुरी, होशंगाबाद, अशोक नगर, रायसेन, राजगढ़, गुना, हरदा, श्योपुर, भिंड जिले है।
ग्रुप C में है ये जिले
जबलपुर, रीवा, नरसिंहपुर, सिंगरौली, सीधी, पन्ना, सतना, सागर, शहडोल, कटनी, छतरपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और दमोह जिले शामिल है।





















