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मध्यप्रदेश में फिर देखी गई लापरवाही,शहडोल जिले में ऑक्सीजन की कमी से हुई 12 मौतें

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मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के शहडोल(Shahdol) मेडिकल कॉलेज(Medical college) में ऑक्सीजन(oxygen) की सप्लाई कम होने से 12 मरीजों की मौत हो गई है । बताया जा रहा है कि घटना शनिवार(Saturday) की है। ऑक्सीजन की कमी वाले 12 मरीजों से पहले मेडिकल कॉलेज में ही कोरोना(corona) के 10 और मरीजों की मौत हो गई थी।

बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी के बाद कई मरीजों को ऑक्सीजन मास्क हाथ से दबाना पड़ा, मरीजों को लग रहा था कि शायद सही तरह से दबाने से ऑक्सीजन आ जाए। मामले में पहले मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने 6 मौतों की पुष्टि की। और इसके बाद ही अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने 12 मौतें होने की पुष्ठि कर दी।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मुद्दे पर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अब शहडोल में ऑक्सीजन की कमी से मौतों की बेहद दुखद खबर? भोपाल , इंदौर , उज्जैन , सागर , जबलपुर , खंडवा , खरगोन में ऑक्सीजन की कमी से मौतें होने के बाद भी सरकार नहीं जागी? आखिर कब तक प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से यूं ही मौतें होती रहेगी?

उन्होंने यह भी कहा कि शिवराज जी आप कब तक ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर झूठे आंकड़े परोसकर, झूठ बोलते रहेंगे, जनता रूपी भगवान रोज दम तोड़ रही है? प्रदेश भर की यही स्थिति है, अधिकांश जगह ऑक्सीजन का भीषण संकट है?

रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी यही स्थिति है। सिर्फ सरकार के बयानों और आंकड़ो में ही ऑक्सीजन और रेमउेसिविर उपलब्ध है, लेकिन यह अस्पतालों से गायब है? सरकार कागजी बैठकों से निकलकर मैदानी स्थिति सम्भाले, स्थिति बेहद विकट है।

मध्यप्रदेश में कोरोना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार को ठहराया दोषी

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मध्य प्रदेश(madhya pradesh) में कोरोना(corona) से हाहाकार मचा हुआ है। प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग इस महामारी के चपेट में आ रहे हैं। ऑक्सीजन(oxygen) की कमी और रेमडेसिविर इंजेक्शन(remdisivir injection) नहीं मिलने से मरने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना की इस हालत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ(kamalnath) ने ट्वीट(tweet) कर सूबे की शिवराज सरकार को आड़े हाथों लिया है और इन हालातों से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।

कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा, “भोपाल , इंदौर , सागर , उज्जैन , खरगोन के बाद अब खंडवा व जबलपुर में ऑक्सिजन की कमी से मौतें होने की दुखद ख़बर सामने आयी है। प्रदेश भर में अस्पतालों के बाहर मरीज़ ख़ुद ऑक्सिजन की व्यवस्था कर, मुँह पर ऑक्सीजन लगाये अस्पतालों में बेड के लिये घंटो इंतज़ार कर रहे हैं, इलाज के अभाव में अपनी जान गँवा रहे है ,ऐसी तस्वीरें रोज़ सामने आ रही है।”

उन्होंने आगे कहा, ” रेमड़ेसिविर को लेकर अभी भी मरीज़ और उनके परिजन दर- दर भटक रहे हैं , शासन की सारी व्यवस्थाएँ फेल हो चुकी है ,अस्पतालों में ऑक्सिजन की कमी से मरीज़ों को भर्ती नहीं किया जा रहा है , मौतों का आँकड़ा दिन- प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है , मुक्तिधामो-कब्रस्तानो से भयावह तस्वीरें सामने आ रही है ? बड़े शहरों की यह स्थिति है तो छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों का तो भगवान ही मालिक है ?

उन्होंने यह भी ट्वीट किया कि  हमारे शिवराज जी रोज़ ऑक्सिजन की आपूर्ति , बेड की उपलब्धता , इंजेक्शन को लेकर जनता को झूठे आँकडे परोसकर झूठ बोल रहे है कि अस्पतालों में ऑक्सिजन की कोई कमी नहीं है , बेड की कमी नहीं है , इंजेक्शन की कमी नहीं है ? आख़िर कब शिवराज सरकार अपनी नाकामी और इस भयावह सच्चाई को स्वीकार करेगी और जनता की इन परेशानियो को दूर कर उन्हें राहत प्रदान करेगी ?”

मध्यप्रदेश के मंत्री ने कोरोना की स्थिति को लेकर दिया अजीब बयान, कहा प्रदेश में ALL IS WELL है

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मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) में कोरोना(corona) का डर लगातार लोगों को सता रहा है। किसी को बेड नहीं मिल रहा, कोई ऑक्सीजन(oxygen) के बिना अस्पताल में दम तोड़ दे रहा है और ऐसे में प्रदेश के मंत्री हरदीप सिंह डंग(minister hardeep singh dang) बिल्कुल खुशनुमा माहौल में रहे हैं। एक पत्रकारवार्ता(press conference) में अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तब मंत्री ने जवाब दिया कि अस्पताल में सारी चीजें ठीक हैं। सिर्फ निगेटिव माहौल बनाया जा रहा है। अस्पताल में सारी चीजों की आपूर्ति सही समय से हो रही है।

उन्होंने यह तर्क दिया कि मैंने लोगों से बात की है। किसी को कहीं से भी परेशानी नहीं है। सिर्फ लोग सुनी सुनाई बातों पर यकीन कर रहे है। अस्पताल में सारी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि ऑक्सीजन और इंजेक्शन नहीं मिल रहा है वह सिर्फ हवा बाज़ी कर रहे है।

वहीं, मंत्री के वीडियो पर दिग्विजय सिंह ने कहा है कि इनको जरा अस्पताल ले जाकर घुमाओ, इन्हें समझ में आ जाएगा कि अस्पतालों की स्थिति क्या है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने किया इंदौर के कॉल सेंटर में फ़ोन, आधे घंटे के बाद हुआ कॉल कनेक्ट

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बगैर अपना परिचय दिए इंडेक्स मेडिकल कालेज में बेड की उपलब्धता की जानकारी लेने के लिए कॉल किया था। शाम साढ़े चार बजे भोपाल से इंदौर के कोविड कंट्रोल सेंटर पर ओएसडी के नंबर से फोन किया। काफी देर तक जब फोन कनेक्ट नहीं हुआ तो प्रमुख सचिव स्वास्थ प्रतीक हजेला ने कोविड सेंटर के मैनेजर को मोबाइल पर फोन कर कॉल कनेक्ट नहीं होने की जानकारी दी।

शिवराज सिंह चौहान भोपाल कॉल सेंटर में बात करते हुए।

मुख्यमंत्री के ओएसडी का कॉल किसके पास आ रहा है यह काफी देर तक पता नहीं चल सका। इस पर प्रमुख सचिव ने अफसरों के समक्ष नाराजगी जाहिर की। बाद में कॉल कनेक्ट हुआ और फिर मुख्यमंत्री ने कॉल सेंटर में बात की। इस दौरान यहां सीएमएचओ डा. बीएस सैत्या, कोविड नोडल अधिकारी डा. अमित मालाकार, कंट्रोल कमांड सेंटर अधिकारी डा. अनिल डोंगरे भी मौजूद थे। कॉल कनेक्ट नहीं होने पर डाटा मैनेजर अपूर्वा तिवारी ने जब कर्मचारियों को डांटा तो हंगामा खड़ा हो गया। अन्य अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया।

दावा एक शिफ्ट में 1300 कॉल सुनने का

कोविड कंट्रोल सेंटर में एक शिफ्ट में 1300 कॉल अटेंड करने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि लोगों को इस नंबर पर कॉल पर करने पर आम लोगों को आसानी से मदद ही नहीं मिल रही है। कोविड कंट्रोल कमांड सेंटर के प्रभारी डा. अनिल डोंगरे के मुताबिक 1075 हेल्प लाइन नंबर पर कॉल उठाने वाले 10 कॉलर मौजूद है। कई बार कॉल वेटिंग पर रहती है, इस वजह से आपरेटर कॉल नहीं उठा पाते है। इस हेल्पलाइन पर कॉल करने पर एक से दो बार रिंग जाने के बाद कॉल कनेक्ट होती है।

मध्यप्रदेश में नहीं होगी रेमडेसिविर की कमी

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मध्य प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों के चलते रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की समीक्षा बैठक ली जिसमें बताया गया कि बुधवार को प्रदेश में कुल 3,890 यूनिट रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति की गई है। प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में 275 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध करवाया है।

शिवराज ने कहा कि 3,890 रेमडेसिविर इंजेक्शन में से एक हजार इंजेक्शन एमजीएम शासकीय मेडिकल कॉलेज इंदौर को दिए जाएंगे। जबकि बाकि के 2890 इंजेक्शन निजी चिकित्सालयों को दिए जा रहे हैं। इंजेक्शन के निर्माताओं को प्रदेश में इनकी सप्लाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऑक्सीजन की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए इसके निर्माताओं और डिस्ट्रीब्यूटर्स से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। ऑक्सीजन के औद्योगिक उपयोग को सीमित करके सबसे पहले अस्पतालों को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा अस्पतालों में ऑक्सीजन का फालतू खर्च रोकने के लिए भारत शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों से संबंधितों को अवगत कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। सीएम ने कहा कि जनता के सहयोग के बिना कोरोना से जंग नहीं जीती जा सकती कोरोना संक्रमण को समाप्त करने के लिए हर व्यक्ति को जागरूक करना आवश्यक है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री बीजेपी सरकार के खिलाफ कर रहे है आंदोलन

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मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू हो गया है। वहीं भोपाल में भी हालत गंभीर है। भोपाल में सोमवार को ऑक्सीजन की कमी से पांच कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। लेकिन सरकार बार बार दावा कर रही है कि राज्य में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

ऐसे में मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आज मिंटो हॉल में गांधी जी की प्रतिमा के नीचे खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर अपना विरोध जता रहे है। विधायक पी सी शर्मा, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक कुणाल चौधरी तीनों ही सरकार के खिलाफ मोर्चा लेकर बैठे है।

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट किया कि , मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की डिमांड और सप्लाई में बड़ा अंतर है। भयावह स्थिति है। ऑक्सीजन की कमी से जानें जा रही है। .@narendramodi साँसों से आत्मनिर्भर करो मध्य प्रदेश को !

उन्होंने यह भी लिखा कि ,मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर आज भोपाल में मिंटो हॉल स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री @narendramodi जी से मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन भेजने का अनुरोध कर रहा हूं।

मध्य प्रदेश सरकार दावा कर रही है कि राज्य में ऑक्सीजन की मात्रा पर्याप्त है। लेकिन भोपाल के 20 से ज्यादा अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है।

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त का हुआ तबादला, कोरोना को रोकने में रहे नाकाम

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मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त डॉ संजय गोयल पर गाज गिरी है। उन्हें पद से हटाकर मंत्रालय में सचिव बनाया गया है। कोरोना को रोकने में नाकाम रहे संजय गोयल की जगह अब आकाश त्रिपाठी को प्रदेश का नया स्वास्थ्य आयुक्त बनाया गया है।

वहीं भोपाल के अलावा प्रदेश के 19 जिलों में सात से नौ दिन के लिए कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। उनमें इंदौर,शाजापुर, उज्जैन, बड़वानी, राजगढ़, विदिशा, रतलाम, बैतूल, खरगोन, कटनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बालाघाट,नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, देवास एवं पन्ना शामिल हैं।

बता दें कि राज्य में कोरोना से हालात बेकाबू हो रहे हैं।रोज नए मामले सामने आ रहे हैं. पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश में 6 हजार 489 संक्रमित मिले हैं. वहीं 37 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है।

अब प्रदेश में इस जिले में रहेगा 19 अप्रैल तक का कर्फ्यू

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प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भोपाल में कोरोना कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी हुआ है। बता दे कि आज रात 9 बजे से 19 अप्रैल तक का कर्फ्यू रहेगा।

दरअसल भोपाल में रविवार को टोटल लॉकडाउन रहता था लेकिन अब 19 अप्रैल तक का लॉकडाउन लगाया गया है। इसकी जानकारी प्रदेश के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी है।

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान , मध्यप्रदेश में नहीं लगाया जाएंगा पूर्ण लॉकडाउन

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मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश के कई जिले और शहर वीकेंड लॉकडाउन की जद में हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि राज्य में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। 4000 रेमडेसीवीर की इंजेक्शन मौजूद हैं और 5000 आज आ भी जाएंगी। हम पूरे राज्य में टीका उत्सव मना रहे हैं। मध्य प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा।

मध्य प्रदश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए शनिवार को आशंका जताई थी कि राज्य में इस महीने के अंत तक उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है।

उन्होंने कहा कि, ‘जिस रफ्तार से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या इस महीने के अंत तक एक लाख तक पहुंच सकती है। हम संक्रमण के प्रसार को रोकने की कोशिश कर रहे हैं तथा लॉकडाउन सहित अन्य उपायों को अपनाना शुरू कर दिया है।’

प्रदेश में कुल मरीजों में 67 प्रतिशत मरीजों को घर में पृथक-वास में रखा गया है जबकि शेष मरीजों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में से 18 प्रतिशत आक्सीजन पर और आठ प्रतिशत वेंटिलेटर पर हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मध्यप्रदेश में शनिवार को कोरोना संक्रमण के 4,986 नए मामले आए। राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3,32,206 तक पहुंच गई है। इनमें से 2,95,339 मरीज स्वास्थ्य होकर अपने घर जा चुके हैं।

मध्यप्रदेश में अब बीजेपी के मंत्री ही खोल रहें है सरकार की पोल

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मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर कम नही हो रहा है।प्रदेश में कही दावा की कमी है तो कही ऑक्सीजन की। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के एक मंत्री जी ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं चेक की और उन्होंने बताया कि सरकार इसमे फैल है।

प्रदेश के मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर ने अपनी ही सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। दरअसल देर रात ग्वालियर के माधव डिस्पेंसरी में मरीज बनकर मंत्री जी पहुंचे थे ।अस्पताल में डॉक्टर ओर जांच की व्यवस्था ना होने पर अपनी नाराजगी जाता रहे थे।उसी समय मौके से ही कलेक्टर को फोन कर उन्होंने अपनी नाराजगी जताई थी।

ऐसे में विपक्ष भी कई सवाल करने लगा है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल पूछते हुए ट्वीट किया कि प्रदेश के सागर , उज्जैन व खरगोन में ऑक्सिजन की कमी से मौत की खबरें बेहद झकझोर देने वाली व प्रदेश को शर्मशार करने वाली ?
उज्जैन में तो भाजपा के एक कार्यकर्ता ने रात में ही सोशल मीडिया पर ऑक्सिजन की कमी बता दी थी , फिर भी ज़िम्मेदार नहीं जागे ?