भोपाल(Bhopal) के दूरदर्शन केंद्र(Dooradarshan Kendra) में प्रादेशिक समाचार एकांश में भ्रष्टाचार और अवैध भर्ती का मामला सामने आया है। जिसमे प्रसार भारती के नियमों को किनारे पर रख वरिष्ठ आईआईएस अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए कर्मचारीयों की अवैध नियुक्ति में लिप्त पाये गए हैं।
आरटीआई(RTI) से मिली जानकारी के अनुसार दूरदर्शन भोपाल द्वारा 23 जनवरी 2014 को प्रसार भारती के निगरानी में 8 संविदा पदों की घोषणा की गई थी। जिसमें एंकर कम संवाददाता ग्रेड- III, संवाददाता, कॉपी एडिटर , ट्रेनी पैकेजिंग लेवल- I, वीडियो पोस्ट-प्रोडक्शन असिस्टेंट ग्रेड- II, ब्रॉडकास्ट एग्जीक्यूटिव ग्रेड- II, जूनियर असाइनमेंट कोऑर्डिनेटर और लाइब्रेरी असिस्टेंट शामिल थे ।
आरटीआई से हुआ भ्रटाचार का खुलासा
आरटीआई से मिली जानकारी से पता चलता है कि प्रसार भारती द्वारा घोषित अंतिम परिणाम में शौकत खान नाम के व्यक्ति का चयन लाइब्रेरी असिस्टेंट के पद पर हुआ था। शौकत खान ने व्यक्तिगत कारणों से कार्यालय ज्वाइन नहीं किया और उसी के साथ मो. इजराइल खान नाम के एक अन्य व्यक्ति को उस रिक्त पद पर बिना प्रक्रीया का पालन किए फर्जी तरीके से नियुक्त कर दिया गया।
यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के 6 महीने बाद (04/09/2014) बिना किसी आधिकारिक अधिसूचना के प्रसार भारती के भर्ती नियमों को ताक पर रख कर की गई है। आरटीआई से यह भी पाया गया कि मो. इजराइल खान की नियुक्ति सितंबर 2014 में हुई थी जिस दौरान भारतीय सूचना सेवा के वरिष्ठ अधिकारी राजीव कुमार जैन प्रादेशिक समाचार एकांश, दूरदर्शन केंद्र भोपाल के निदेशक पद पर नियुक्त थे।
