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केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में जगह मिली नहीं की नयी नयी राज्यमंत्री हुई अनुप्रिया पटेल विवादों के घेरे में आ गई। अनुप्रिया पटेल जिस कारण से विवाद में हैं वो हैं उनके ट्विटर अकाउंट से किए गए दो ट्वीट्स।
मिर्ज़ापुर से अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल पर आरोप है कि उन्होंने 13 जून 2016 को अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर प्रदेश में साम्प्रदायिकता को हवा देने का काम किया है। उन्होंने #UPwillChange से दो पोस्ट किए, हालाँकि बाद में उन दो पोस्ट्स को उन्होंने डिलीट कर दिया है। पर उनके कथित ट्वीट्स सोशल मीडिया आर वायरल हो गए हैं। अनुप्रिया ने कथित तौर पर ट्वीट में लिखा था, ”अखलाक पर करोड़ों न्योछावर लेकिन कैराना के हिंदुओं के लिए दो बोल तक नहीं!! वाह रे नमाजवादी सरकार।” उसी दिन अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल के जन्मदिन पर ‘हुंकार रैली’ आयोजित की गई थी।
कथित तौर पर अनुप्रिया ने दूसरे ट्वीट में लिखा, ”हमें बर्बाद कर दिए अपने ही गद्दारों ने वर्ना कभी सुनी नहीं थी 100 करोड़ डर जाएं 20 करोड़ मुल्लों से।” दोनों ट्वीट डिलीट कर दिए गए थे मगर मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद अनुप्रिया के ये कथित ट्वीट Twitter पर शेयर होने लगे।
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इस ट्वीट को ले कर के विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। योगेन्द्र यादव ने इस पुरे मसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ”अगर ये सही हैं तो अनुप्रिया पटेल को भारत के कैबिनेट में रहने का कोई हक नहीं है। नफरत वाले भाषण और क्या होते हैं ?”

