Newbuzzindia: राजनीति में विपक्षियों को निशाना बनाना और उन पर टिपण्णी करना एक जरुरी काम जैसा है, अथवा कहे की यही राजनीति है। पर कई बार राजनीति में यह चाल उलटी भी साबित हो जाती है।
मामला कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक बाबा रामदेव का है। बिहार के वैशाली व्यवहार न्यायालय ने कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ वारंट जारी किया है। मामला योग गुरु बाबा रामदेव पर कथित टिप्पणी का है जिसे लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। जिसमे अपर मुख्य दंडाधिकारी की ओर से दिग्विजय सिंह के खिलाफ जमानतीय वारंट जारी किया है।
यह है मामला-
इंदौर की एक सभा में बाबा रामदेव के खिलाफ आग उगलते हुए कहा था कि चूंकि बालकृष्ण बाबा रामदेव के सहयोगी है और बाबा रामदेव के सभी राज जानते हैं ऐसे में सीबीआई से बचने के लिए बाबा रामदेव अपने सहयोगी बालकृष्ण की हत्या करवा सकते हैं। इस संबंध में भाजपा नेता और रामदेव बाबा के समर्थक अजीत कुमार सिंह ने 07 अगस्त 12 को सीजेएम कार्ट में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पर मुकदमा ठोका था।
