Newbuzzindia: छोटा पैकेट बड़ा धमाका ! हां आप सही समझ रहे है। अरविन्द केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी पर ये बात पूरी तरह बैठती है। बहुत कम समय में सत्ता हतियाने वाली राजनीतिक पार्टी AAP दिल्ली में अपने झंडे तो गाड़ ही चुकी है। अब उसकी नजर देश के अन्य प्रदेशों पर आ टिकी है। जहां केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए जी जान लगा दी है तो वहीँ अब वे मोदी के गढ़ और गृह राज्य गुजरात में भी सेंध लगाने के मकसद से कड़ी टक्कर में उतर आये है।
केजरीवाल राजनीति के नए खिलाड़ी के रूप में उभरे है और अब उनकी नजर गुजरात की सत्ता पर भी टीक चुकी है। इसी के चलते उन्होंने हार्दिक पटेल का तहे दिल से support किया है तो वहीँ भाजपा को बैकफुट पर लाने के लिए अनेकों हथकंडे अपना रहे है।
केजरीवाल ने सूरत में एक बड़ी रैली की है जिससे गुजरात भाजपा में थोड़ी हलचल मची हैं। केजरीवाल ने रैली में एक तीर से तीन निशाने लगाए है। उन्होंने गुजरात में भड़के पटेल आंदोलन को समर्थन दिया तो वहीँ हार्दिक पटेल को देशभक्त का दर्जा भी दिया साथ ही दलितों के प्रति संवेदना भी जाहिर की। इसी दौरान भाजपा को दलित विरोधी बता कर दलितों के वोट बैंक पर एक तिरछी नजर डाली है।
आपको बता दे की सूरत में केजरीवाल की रैली के पहले ही गुजरात के कई जिलों में केजरीवाल का विरोध शुरू हो गया था। तो कहीं कहीं हंगामे भी हुए।
