2019 लोकसभा चुनाव के करीब आते-आते भाजपा के सहियोगी दल एक-एक कर उसका साथ छोड़ते नजर आ रहे है। टीडीपी और शिवसेना के बाद अब राष्ट्रीय लोक यदुवंशीसमता पार्टी ने भी बगावती तेवर दिखाना शुरू कर यदुवंशीदिया है। शनिवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भाजपा और नीतीश कुमार को झटका देकर आरजेडी और कांग्रेस के साथ आने के संकेत दिए है।
कार्यक्रम में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि-
“यबिहारदुवंशी (यादव) का दूध और कुशवंशी (कोइरी समुदाय) का चावल मिल जाए तो खीर बढ़िया होगी, और उस स्वादिष्ट व्यंजन को बनने से कोई रोक नहीं सकता है।”
Yaduvanshi(Yadavs) ka doodh aur Kushvanshi(Koeri community) ka chawal mil jaye to kheer badhiya hogi. Aur us swadisht vyanjan ko ban ne se koi rok nahi sakta hai: Upendra Kushwaha,Union Minister and Rashtriya Lok Samta Party Chief in Patna (25.8.18) pic.twitter.com/QhuEScEpwi
— ANI (@ANI) August 26, 2018
उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान के कई मतलब निकाले जा रहे है। जानकार उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान को आरजेडी से जोड़ कर देख रहे है। ऐसे कयास लगाए जा रहे है किउपेन्द्र कुशवाहा जल्द ही एनडीए के साथ छोड़कर महागठबंधन से हाँथ मिला सकते है।
दरअसल उपेंद्र कुशवाहा कोइरी समाज से आते है जो कि चावल की खेती प्रमुख रूप से करते है। इसके साथ ही यादव समाज मुख्य रूप से गौपालन का काम करते है। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा ने इशारों इशारों में कहा कि अगर कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिल जाए तो उनको जीतने से कोई नही रोक सकता।
बिहार में सीटों के बटवारे को लेकर एनडीए में बगावत।
बिहार में आगामी लोकसभा चुनावों में सीटों के बटवारे को लेकर रस्साकशी चल रही है। जेडीयू, आरएलडी और लोक समता पार्टी के बार अपने लिए ज्यादा सीटों के मांग कर चुकी है। बिहार की कुल 40 सीटों में से नीतीश कुमार जेडीयू के लिए 25 सीटें मांग ली है। इसके बाद रामविलास पासवान की पार्टी ने 2014 में 6 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी तो वहीं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने 3 सीटें जीती थी। यह दोनों ही पार्टी अपनी जीती हुई सीटों के कम सीटों पर राजी नही होने वाली। ऐसे में भाजपा के लिए बचती है सिर्फ 6 सीटें।
3 संसद और 3 विधायकों की पार्टी है राष्ट्रीय लोक समता पार्टी
बिहार में इस समय उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के 3 सांसद है, 2 विधानसभा सदस्य है और 1 विधान परिषद सदस्य है। गिनती में भले ही उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी छोटी लगती हो लेकिन उपेंद्र कुशवाहा, कुशवाहा समाज मे अछि पैठ रखते है और अगर वह महागठबंधन में शामिल होते है तो यह भाजपा और नीतीश कुमार के लिए बड़ा झटका होगा।
