कृषि एवं किसान सशक्तिकरण
भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है, डीजल, खाद, बीज के भाव बढ़ने से लागत बढ़ी है, उस अनुपात में उपज के दाम नहीं मिले हैं। कर्ज बढ़ा है, इन तनावों के चलते आत्महत्याएं बढ़ी हैं, भाजपा सरकार का किसानों की आय कोदो गुना करने का सपना खोखला साबित हुआ है। म.प्र. में कांग्रेस सरकार बनने पर कांग्रेस पार्टी वचन देती है कि-
1.1 सभी किसानों का 2.00 लाख तक कर्जमाफ करेंगे। जिसमें सहकारी बैंक एवं राष्ट्रीकृत बैंकों का चालू एवं कालातीत कर्ज शामिल रहेगा।
1.2 किसानों को शून्य ब्याज योजना का वास्तविक लाभ देने के लिए भुगतान की नई तिथि रबी फसल हेतु 31 मई तक और खरीफ फसल हेतु 31 दिसम्बर रखेंगे।
1.3 स्वामीनाथन आयोग की स्थापना यूपीए सरकार के समय हुई थी उनकी सिफारिशें किसानोंके हित में थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने नहीं माना है। हमारी कांग्रेस सरकार बनने पर किसानोंको उनकी उपज का उचित मूल्य दिलायेंगे। मंडियों में समर्थन मूल्य से नीचे फसल नहीं बिकनेदेंगे , कांग्रेस सरकार किसानों को – गेहूँ, धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, सोयाबीन, सरसों,कपास, अरहर, मूंग, चना मसूर, उड़द, लहसुन, प्याज, टमाटर तथा गन्ने पर बोनसदेगी।
1.4 ‘’इन्दिरा किसान ज्योति योजना’’ इस नई योजना के अंतर्गत 10 हॉर्सपावर तक के कृषिप्रयोजन के लिए आधी दर पर विद्युत प्रदाय करेंगे। अंत्योदय परिवार को पूर्वकी भांति पूरीछू ट रहेगी।
- 10 हॉर्सपावर तक के अस्थायी विद्युत कनेक्शन में 50 प्रतिशत की छू ट दी जायेगी तथा कृषक इसे फसल की थ्रेशिग हेतु इस्तेमाल कर सकेगा।
- किसानों को 3 फ़े स की बिजली प्रतिदिन 12 घंटे देना सुनिश्चित करेंगे, जिसमें कम से कम 8 घण्टे दिन का समय रहेगा। 1.5 नवीन फसल बीमा योजन कांग्रेस सरकार नवीन फसल बीमा योजना लायेगी, फसल बीमा की इकाई खेत रहेगा, जो किसान स्वेच्छा से इससे पृथक रहना चाहते हैं, उन्हे अनुमति रहेगी। बीमा कम्पनियों द्वाराकिसानों को बीमा पॉलिसी एवं प्रीमियम राशि की रसीद देना सुनिश्चित किया जायेगा।
- नई फसल आने के पूर्व फसल क्लेम का वितरण करायेंगे।
- ग्रामसभा की अनुशंसा पर फसल बीमा का लाभ किसान को देंगे ।
- फसल बीमा से वंचित किसानों की फसल नुकसानी पर मुआवजा हेतु भू-राजस्व परिपत्र 6-4 में संशोधन करेंगे।
- बिना कर्ज लिये खेती करने वाले कृषक को भी फसल बीमा से जोड़ेंगे।
1.6 कृषकों का जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा किया जायेगा ।
1.7 किसानों को क्रेडिट कार्ड देंगे एवं क्रेडिट कार्डकी लिमिट बढ़ाने के लिए केन्द्र को लिखेंगे।
1.8 भूमि अधिग्रहण एक्ट 2014 (UPA सरकार के समय का मूल एक्ट) को अक्षरश: लागू किया जायेगा।
1.9 किसान आंदोलन के समय किसानों पर दर्ज आपराधिक व राजनैतिक आंदोलनों में दर्ज सभी प्रकरण वापिस लिये जायेंगे।
1.10 मंदसौर गोलीकांड लाठीचार्जकांड की पुन: न्यायायिक जांच माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने के लिए माननीय मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध करेंगे।
1.11 किसान को उपज का भुगतान तीन दिन के भीतर जिस तरह किसान चाहेगा उस तरह करेंगे। आयकर विभाग द्वारा नगद भुगतान की निर्धारित सीमा को इस प्रयोजन हेतु बढ़ाने के लिए प्रयास करेंगे।
1.12 मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा लगवायेंगे।
1.13 मंडी कमेटियों का पुनर्गठन करेंगे, मंडी अधिनियम में संशोधन करेंगे तथा प्रदेश एवं देश की अन्य मंडियों से जोड़ेंगे ।
1.14 मण्डी शुल्कों का युक्तियुक्तकरण करेंगे ।
1.15 मंडियों में ग्रेडिग प्लांट के लिए किसानों के स्वसहायता समूह/ समितियों को रिक्त भूमि आवंटित की जायेगी।
1.16 सूचना एवं परामर्शकेन्द्र खोलेंगे तथा मंडियों में ठहरने एवं रियायती दर पर भोजन की व्यवस्था करेंगे।
1.17 राज्य कृ षि विकास आयोग की स्थापना की जायेगी।
1.18 सरदार वल्लभ भाई पटेल किसान पुत्र स्वावलंबन योजना पात्रता- कृषक परिवार के शिक्षित बेरोजगार जो स्नातक हैं और वह स्वयं कृषि विकास एवं विस्तार तथा कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, सहायक कृषि उद्योग जैसे पशुपालन, डेयरी विकास, कुक्कुट पालन, आदि करने के इच्छुक हैं, जिनकी आयु सीमा 25 से 50 वर्षहै और वे ग्रामीण क्षेत्र के मूल निवासी हैं तथा अन्य किसी व्यवसाय/नौकरी से उनकी आय नहीं है, वे पात्र होंगे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सुविधाएं:-
- रियायती ब्याज दर पर 5 वर्षके लिए रूपये 1 करोड़ तक का ऋण बैंक से उपलब्ध कराएंगे।
- कृषि प्रयोजन के लिए विद्युत में 25 प्रतिशत की छू ट देंगे।
- सिंचाई कर में छू ट देंगे।
- उपज के विक्रय की स्वतंत्रता तथा मंडी कर से छू ट देंगे।
1.19 गुणवत्तायुक्त और प्रमाणित बीज समय पर उपलब्ध करायेंगे, बीज उत्पादन सहकारी समिति और स्वसहायता समूह को जोड़ेंगे।
1.20 सहायक कृषि आधारित उद्योग जैसे- पशुपालन, डेयरी विकास, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी के लाभ के लिए किसानों को प्रोत्साहन देंगे, रियायती ब्याज दर पर बैंक से 5 वर्ष का ऋण उपलब्ध कराएंगे।
1.21 दूध उत्पादक कृषक को दुग्ध संघ के माध्यम से प्रति लीटर 5 रूपये बोनस देंगे। दुधारू पशुओं का बीमा/ चिकित्सा सुविधा नि:शुल्क करेंगे।
1.22 खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र, सिंचाई आदि में कर/शुल्क की दरों बढ़ोतरी नहीं करेंगे ।
1.23 कृषि यंत्र तथा किसानी के उपयोग की वस्तुओं व पशुआहार पर 0 प्रतिशत जीएसटी हेतु जीएसटी काउंसिल (भारत सरकार) को अनुशंसा भेजेंगे ।
1.24 अमानक खाद, बीज तथा कीटनाशक बेचने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही के लिए कानून बनायेंगे । खाद की आपूर्ति समय पर सहकारी समितियों के माध्यम से करायेंगे।
1.25 मिट्टी एवं बीज परीक्षण नि:शुल्क सुविधा प्रदाय करेंगे।
1.26 मेरा खेत मेरा तालाब – ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जल स्तर को बनाये रखने के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण बैंक से उपलब्ध कराएंगे।
1.27 सिंचाई के साधन की अनुदान राशि में बढ़ोतरी करेंगे।
1.28 कृषि पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति बनाएंगे, पूंजी उपलब्ध करायेंगे। उद्योग विभाग के अनुदान की पात्र सूची में कृषि आधारित उद्योगों को जोड़ेंगे।
1.29 फसल की अनुकू लता के आधार पर स्पेशल एग्रीकल्चर ज़ोन स्थापित करेंगे। 1.30 200 से 500 हेक्टर विशेष कृषि प्रक्षेत्र विकसित किये जायेंगे, जिसमें एक ही स्थान पर कृषि उपकरण, सिंचाई, विद्युत, बीजोपचार, मिट्टी परीक्षण, ग्रेडिग, भण्डारण की सुविधा रहेगी, इन क्षेत्रों को मण्डी कर से मुक्त रखेंगे।
1.31 कृ षि भूमि की रजिस्ट्री में छूट’- प्रदेश के किसानों को खेती के विस्तार हेतु पटवारी हल्के में कृषि भूमि खरीदने पर स्टाम्प 6 प्रतिशत तथा कृषक महिलाओं के लिए 3 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क रहेगा। इसमें शर्त यह रहेगी कि संबंधित व्यक्ति की प्रमुख आय खेती से हो। कृषि भूमि की रजिस्ट्री के आधार पर ही स्वत: नामांतरण एवं सीमांकन की व्यवस्था करेंगे। पारिवारिक बंटवारे के अंतर्गत स्टाम्प शुल्क 1 प्रतिशत की दर से पंजीकृत करने की व्यवस्था करेंगे।
1.32 गौशाला- प्रत्येक ग्राम पंचायत में गौशाला खोलेंगे एवं चिन्हित क्षेत्रों में गौ अभ्यारण्य बनाएंगे, इनके संचालन एवं रख रखाव के लिये सरकार अनुदान देगी ।
- गौशाला में गोबर खाद, कण्डा व गौमूत्र एवं अन्य वस्तुओं का व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन करायेंगे ।
- मुख्य मार्गों पर गौवंश के संरक्षण एवं देखभाल के लिए अस्थायी शिविर की व्यवस्था, दुर्घटना में घायल गायों का उपचार एवं मृत गायों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करेंगे।
1.33 पशुओं से फसल क्षति पर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को सरलीकरण करेंगे तथा वन/ राजस्व विभाग को जवाबदेह बनायेंगे।
1.34 कृषकों की निजी भूमि पर छोटे-बड़े झाड़ लगे हैं जिनको काटने की अनुमति नहीं मिलती और न ही कृषक कृषि एवं अन्य कार्यकर पाता है, ऐसे जटिल प्रावधानों को शिथिल करेंगे।
1.35 कृषकों की कन्याओं के विवाहों के लिए ‘’कृषक कन्या विवाह सहायता योजना’’ प्रारंभ करेंगे। प्रोत्साहन राशि 51,000 रु. दी जायेगी। इस लाभ के लिए 2.5 एकड़ तक के खाताधारक भी पात्र होंगे।
1.36 आधुनिक कृषि उपकरणों का अधिक से अधिक उपयोग किसान करें, इसके लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन, प्रोत्साहन कार्यक्रम चलायेंगे।
1.37 आधुनिक कृषियंत्र जिनकी लागत दो लाख तक है उस पर 50 प्रतिशत अनुदान देंगे।
1.38 बंजर, बीहड़ एवं दुर्गम क्षेत्र की भूमि को कृषि योग्य बनाने एवं एक फसली क्षेत्र को दो फसली, दो फसली क्षेत्र को तीन फसली क्षेत्र बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम चलायेंगे।
1.39 जैविक कृ षि उत्पाद – जैविक कृषि उत्पाद के प्रमाणीकरण के लिए केन्द्र स्थापित करेंगे तथा जैविक उत्पाद की ब्रांडिग करेंगे।
- जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण, प्रमाणित बीज एवं विपणन हेतुविशेष पैके ज देंगे।
1.40 किसानों को आधुनिक तकनीकी के आधार पर सब्जी, मसाला, औषधि फसल एवं फूल उत्पादन आदि के लिये पॉलीहाउस एवं ग्रीनहाउस की वर्तमान योजना के साथ-साथ छोटे आकार 1 हजार से 5 हजार वर्गफीट की यूनिट भी बनायेंगे तथा रियायती ब्याज दर पर बैंक से उपलब्ध कराएंगे।
1.41 किसानों के लिए नई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना प्रारंभ करेंग, इसके अंतर्गत 1000 रु. मासिक पेंशन देंगे, जिसके अंतर्गत 60 वर्षके एवं 2.5 एकड़ से कम भूमिधारक तथा अन्य किसी स्रोतों से आय न होने वाले किसान पात्र होंगे।
