मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) के ई-टेंडरिंग घोटाले(E-tender Scam) के जांच के चलते कमलनाथ सरकार(Kamalnath government) में मुख्य सचिव रहे एम गोपाल रेड्डी(M. Gopal Reddy) आ गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने रेड्डी के हैदराबाद स्थित आवास पर छापा मारा है। इस दौरान ईडी के अधिकारियों ने रेड्डी के यहां मौजूद दस्तावेजों की छानबीन की। शिवराज सरकार के दौरान जब यह घोटाला हुआ था तब रेड्डी जल संसाधन विभाग के एसीएस थे।
प्रवर्तन निदेशालय ने भोपाल, हैदराबाद और बेंगलुरु सहित करीब 16 जगहों पर छापेमारी की है। रेड्डी के अलावा उन कंपनियों के यहां भी छापे की सूचना है, जिन्हें टेंडर में टेम्परिंग कर ठेके दिए गए। एक टीम ने बुधवार को भोपाल में हैदराबाद की ही आईटी कंपनी ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन के मानसरोवर कॉम्प्लेक्स स्थित दफ्तर पर कार्रवाई की थी। सबसे ज्यादा जल संसाधन के 7 ठेकों के ई टेंडर में घोटाले होने के आरोप हैं।
मध्यप्रदेश ईओडब्ल्यू ने कंपनी के 3 डायरेक्टर विनय चौधरी, वरुण चतुर्वेदी और सुमित गोलवलकर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ईओडब्ल्यू का आरोप है कि इन्होंने फर्जी डिजिटल सिग्नेचर तैयार कर अपने कस्टमर कंपनी को मध्यप्रदेश के अधिकारियों की मिलीभगत से ई-टेंडर में बिडिंग कराकर काम दिलाया था।
