Newbuzzindia :भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल को बैंकों में जमा पुराने नोटों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसा आज उन्होंने वित्तीय मामलों की संसदीय समिति के सामने पेश होकर बताया।
यह समिति कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली के नेतृत्व वाली है। जिसके सामने आज गर्वनर को पेश होना था। समिति के एक सवाल के जवाब में गवर्नर ने नोटबंदी के बाद बैंकों में पुराने नोट कितने फीसद जमा हुए यह बताने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी समाचार चैनल NDTV को मिली है।
गवर्नर का यह बयान समिति को पहले दिए गए उस लिखित बयान के उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को प्रचलन से हटाने की घोषणा से सिर्फ एक दिन पहले 7 नवंबर को सरकार ने आरबीआई को बड़े रद्द नोटों को रद्द करने की ‘सलाह’ दी थी।
पटेल ने समिति को यह नहीं बताया कि प्रतिबंधित नोटों में से कितने बैंकों में वापस आ चुके हैं। इसके अलावा गवर्नर ने समिति को बताया कि नई करेंसी में 9.2 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में डाले जा चुके हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कहना संभव नहीं है कि बैंकिंग व्यवस्था कब तक सामान्य होंगे। इसके बाद गवर्नर 20 जनवरी को केवी थॉमस वाली लोक लेखा समिति के सामने भी पेश हो सकते हैं।
आपको बता दें कि, आरबीआई की इस बात के लिए आलोचना हो रही है नोटबंदी को लेकर उसने पहले से पर्याप्त तैयारियां नहीं की थीं और उसने अपनी स्वायत्तता से समझौता किया।
