वोटर लिस्ट में फर्जी वोटर होने का आरोप लगा रही कांग्रेस पार्टी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटाक लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ की याचिका खारिज कर दी है। कमलनाथ के अलावा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी एक याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले ही चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत पर ही वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण किया था। इस पुनरीक्षण में चौबीस लाख से अधिक ऐसे वोटरों के नाम हटाए गए थे जिनकी मृत्यु हो गई थी अथवा अन्य क्षेत्र में जाकर रहने लगे थे।
चुनाव आयोग का तर्क था कि नए स्थान पर वोटर लिस्ट में अपना नाम तो जुड़वा लेते हैं लेकिन, पुराने स्थान की लिस्ट से नाम नहीं कटवाते हैं। कांग्रेस ऐसे ही वोटरों का फर्जी बता रही थी। जबकि चुनाव आयोग लिस्ट में दोहराव मान रही थी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका खरिज हो जाने के बाद अब कांग्रेस के लिए वोटर लिस्ट में संशोधन के सारे रास्ते बंद हो गए हैं।
