मध्य प्रदेश के जबलपुर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह मोखा की पुलिस ने तलाश खत्म कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को फरार आरोपी अपने ही सिटी अस्पताल में छिपा बैठा मिला।
दरअसल पुलिस को आरोपी के सिटी अस्पताल के कोविड वार्ड में छिपे होने की जानकारी मिली थी। वह खुद को कोरोना संक्रमित बता रहा था। हालांकि पुलिस अपने स्तर पर मंगलवार को सरबजीत सिंह की कोविड जांच कराएगी।
बीते दिनों इस मामले में अन्य आरोपियों के गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मोखा की तलाश थी, लेकिन वह फरार चल रहा था। इस दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फटकार के बाद कुछ घंटों ही आरोपी को पुलिस ने गिरफ्त कर लिया।
बता दें कि आरोपी सरबजीत सिंह मोखा शहर वीएचपी अध्यक्ष होने के अलावा जबलपुर में सिटी अस्पताल का मालिक भी है। नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में जबलपुर पुलिस ने सिटी हॉस्पिटल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा समेत अस्पताल के देवेश चौरसिया और भगवती फार्मा के संचालक सपन जैन पर मामला दर्ज किया गया है। दरअसल मोखा पर 500 नकली इंजेक्शन मरीजों को लगाने का आरोप है।
