मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस बेकाबू हो गया है। संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। लगभग 30 जिलों में कोरोना वायरस के 20 से ज्यादा केस मिले हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ से लगी राज्य की सीमाएं सील कर दी गई है। इससे पहले महाराष्ट्र से लगी सीमा पहले ही सील हो चुकी थी।
शिवराज सिंह चौहान ने बढ़ते कोरोनावायरस को लेकर कहा कि जरूरत पड़ी तो उन जगहों पर लॉकडाउन लगाया जाएगा जहां 20 से ज्यादा संक्रमित पाए जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि अप्रैल के आखिर तक कोरोना अपने पीक पर पहुंच सकता है। इसे देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और कहा कि कोरोना के फीवर क्लिनिक दुबारा बनाये जाएंगे।
प्रदेश में पहला कोरोना संक्रमित 18 मार्च को जबलपुर में मिला था। इसके बाद से यह संख्या हर दिन बढ़ती गई लेकिन वर्ष 2020 में सितंबर से नवंबर का महीना ज्यादा घातक रहा। इस अवधि में एक से दो लाख संक्रमितों की संख्या महज 71 दिन में ही पूरी हो गई थी।
भले ही प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही हो, लेकिन सरकारी बुलेटिन के मुताबिक मौत की संख्या नियंत्रित है। प्रदेश में पहले एक लाख मरीजों पर मौत की संख्या 1901 थी, जबकि दूसरे एक लाख मरीजों पर 1330 लोगों की मौत हुई थी। अब तीसरे एक लाख संक्रमितों के मुकाबले मरने वालों का आंकड़ा 805 है। यानी प्रदेश में मृत्यु दर कम है जबकि संक्रमण दर अधिक है।
